
अमरीकी राष्ट्रपित डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ थोपे जाने के बाद जब से पाकिस्तान के नए फील्ड मार्शल आसिम मुनीर अमरीका दौरे पर गए हैं तब से भारत को धमकियों पर धमकियां मिल रही हैं। मुनीर अमरीका की जमीं से परमाणु धमकियां दे रहे हैं तो पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने जंग की धमकी दे डाली है तथा अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी धमकी दे डाली है।
फील्ड मार्शल आसिम मुनीर दो महीने दूसरी बार अमरीका जा चुके हैं और भारत को तीसरे देश से धमकियां दी जा रही हैं। हालांकि व्हाइट हाउस ने इस संबंध में अपना स्पष्टीकरण दे दिया है और कहा है कि भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के साथ अमरीका के रिश्तों में कोई बदलाव नहीं है।
आसिम मुनीर लगातार कश्मीर का राग अलाप रहे हैं। मुनीर ने कश्मीर पाकिस्तान के गले की नस बताया है। उसका कहना है कि कश्मीर का मसला संयुक्त राष्ट्र में है और पाकिस्तान उसका समर्थन करता है।
वहीं भारत की ओर से सिंधु जल समझौता अस्ताई रूप से निलंबित कर दिया गया है। जिस पर पाकिस्तान पूरी तरह से बौखला गया है। बीते दिनों बिलवल भुट्टो ने सिंधु जल समझौते को लेकर भारत को युद्ध की धमकी देते हुए कहा कि अगर भारत इस संधि को निलंबित रखते है और बांध बनाता है तो भारत के खिलाफ युद्ध होगा।
मुनीर की धमकियों का जवाब देते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि परमाणु हथियारों की धमकी देना पाकिस्तान की पुरानी आदत रही है।
इस तरह के बयान अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान के परमाणु कमांड एंड नियंत्रण की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने के लिए मजबूर करते हैं। भारत पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि भारत परमाणु ब्लैकमेल के आगे नहीं झुकेगा और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाता रहेगा।
मुनीर और बिलावल भुट्टो के बाद अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि आप पाकिस्तान से एक बूंद भी पानी नहीं छीन सकते हैं।
शरीफ ने कहा है कि आप हमारा पानी रोकने की धमकी दे रहे हैं। अगर आप ऐसा करने की कोशिश करेंगे तो पाकिस्तान आपको ऐसा सबक सिखाएगा जिसे आप कभी नहीं भूलेंगे।
शरीफ ने सिंधु नदी के जल को पाकिस्तान की जीवनरेखा बताया और कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समझौतों के तहत पाकिस्तान के अधिकारों से “कोई समझौता” नहीं किया जाएगा।
यह टिप्पणी पाकिस्तान के विदेश कार्यालय द्वारा सोमवार को भारत से सिंधु जल समझौते के सामान्य कामकाज को तुरंत बहाल करने का अनुरोध करने के बाद आई है।