
जालंधरः जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चशोती गांव में वीरवार को हुए बादल फटने की भयावह घटना ने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया है। इस भीषण प्राकृतिक आपदा में अब तक 65 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य अभी भी लापता हैं या मलबे में दबे होने की आशंका है।
घटना वीरवार दोपहर करीब 12:25 बजे की है, जब मचैल माता मंदिर मार्ग पर स्थित चशोती गांव में अचानक बादल फटने से भारी बाढ़ और भूस्खलन हुआ। तीसरे दिन भी राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं।
इस त्रासदी में पंजाब के जालंधर जिले के भी लोग प्रभावित हुए हैं। जानकारी के अनुसार, जालंधर के सोढल इलाके की दो युवतियां वंशिका और दिशा लापता हैं।
परिवारवालों के मुताबिक, वंशिका और दिशा अपने माता-पिता और भाई के साथ मचैल माता मंदिर यात्रा पर गई थीं। हादसे के बाद से दोनों का कोई सुराग नहीं मिला है। परिजन गहरे सदमे में हैं और अपनी बेटियों की तलाश में हर अस्पताल और राहत केंद्र के चक्कर लगा चुके हैं।
मचैल माता मंदिर, जो कि लगभग 9500 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, में इस समय यात्रा सीजन चल रहा है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। इसी दौरान यह भीषण आपदा घटी, जिसने कई परिवारों को उजाड़ दिया।