
पटियालाः तरनतारन फर्जी मुठभेड़ मामले में सजा काट रहे पूर्व इंस्पेक्टर सूबा सिंह (82) की पटियाला सेंट्रल जेल में हमले के 6 दिन बाद बुधवार को राजिंदरा अस्पताल में मौत हो गई। घायल गुरबचन सिंह और इंद्रजीत सिंह को दो दिन तक डाक्टरों की निगरानी में रखा गया था। वहीं सूबा सिंह, जिसके चेहरे और सिर पर गहरी चोटें आई थीं, को आईसीयू में भर्ती कराया गया था।
इन तीनों पुलिस अधिकारियों को 1993 में तरनतारन में हुए फर्जी मुठभेड़ मामले में सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी, जिसमें 7 लोग मारे गए थे। राजिंदरा अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विशाल चोपड़ा ने बताया कि सूबा सिंह की हालत गंभीर थी। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था, लेकिन उनकी जान नहीं बच पाई।
बता दें 11 सितंबर को, सूबा सिंह, पूर्व डीएसपी गुरबचन सिंह और इंद्रजीत सिंह पर पटियाला जेल में साथी कैदी संदीप सिंह उर्फ सनी ने हमला किया था। उस पर अमृतसर में 2022 में हिंदू नेता सुधीर सूरी की हत्या का आरोप है।