
नई दिल्लीः कल 22 सितंबर 2025 से जीएसटी की नई दरें लागू हो जाएंगी। जीएसटी की नई दरों से आम आदमी को राहत और अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उल्लेखनीय है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन सुधारों को “आम आदमी के लिए दीवाली का तोहफा” करार दिया था, और अब यह वादा हकीकत बनने जा रहा है।
सरलीकृत दो-स्लैब कर संरचना, रोजमर्रा की जरूरतों पर टैक्सों में भारी कटौती, और व्यवसायों के लिए आसान अनुपालन-यह सब मिलकर भारत को समावेशी विकास की राह पर तेजी से ले जाएगा।
2017 में जीएसटी ने भारतीय कर व्यवस्था को एकजुट कर एक राष्ट्रीय बाजार की नींव रखी थी। 17 अलग-अलग करों और 13 उपकरों को खत्म कर इसने पारदर्शिता और अनुपालन को आसान बनाया। आठ साल बाद, अब जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रधानमंत्री मोदी के विजन को साकार करते हुए दो-स्लैब कर संरचना (5% और 18%) को हरी झंडी दी।
टूथपेस्ट, शैंपू, और नमकीन, सॉस, पास्ता जैसे पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर अब सिर्फ 5% जीएसटी होगा। यूएचटी दूध, छेना, और पनीर पर टैक्स पूरी तरह खत्म। 32 इंच से बड़े टीवी, एयर कंडीशनर, और डिशवॉशर पर 28% से घटकर 18% जीएसटी । 33 जीवन रक्षक दवाएं और डायग्नोस्टिक किट्स टैक्स-फ्री, आयुर्वेद-होम्योपैथी दवाएं, चश्मा, और सर्जिकल उपकरणों पर 5% जीएसटी। बीमा प्रीमियम पर टैक्स छूट से अब वित्तीय सुरक्षा हर घर की पहुंच में।
किसानों के लिए ये सुधार किसी तोहफे से कम नहीं हैं ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, ड्रिप सिंचाई उपकरण, और जैव-कीटनाशकों पर जीएसटी 12-18% से घटकर 5%। प्रधानमंत्री मोदी का सपना है-ऐसा भारत जहां हर नागरिक सशक्त हो, और अर्थव्यवस्था वैश्विक मंच पर चमके।