
महेंद्रगढ़ : सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए आज डीआरडीए हाल में जिला स्तरीय सेमिनार आयोजित कर प्रधानमंत्री फॉर्मलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइजेज योजना (पीएम-एफएमई योजना) के महत्व और लाभों के बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया।
सेमिनार में जिले के सरपंच, ग्राम सचिव, स्वयं सहायता समूह के सदस्य, एफपीओ, उद्यमी एवं किसान सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ उद्योग विस्तार अधिकारी अजय यादव ने किया। उन्होंने सूक्ष्म उद्यमियों के उत्थान के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना की। सेमिनार के मुख्य जानकारी प्रदाता, प्रदीप कुमार ने पीएम-एफएमई योजना के सबसे महत्वपूर्ण बिंदुओं को उजागर किया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह योजना कैसे खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी छोटी इकाइयों के लिए एक गेम चेंजर है। इस के तहत उद्यमियों को 1 करोड़ रुपए तक का बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाता है। यह पूंजीगत सहायता उद्यमियों के लिए लागत का बोझ कम कर उन्हें अपने कारोबार को तेजी से बढ़ाने का मौका देती है।
जिला उद्यान अधिकारी डॉ. प्रेम यादव और कृषि विभाग से डॉ. मनोज कृषि विभाग ने भी अपने-अपने विभागों की योजनाओं से किसानों, उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को परिचित कराया।
इस अवसर पर राजवीर (सहायक), पंकज (डीआरपी), सुनील कटारिया आदि ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।