
नई दिल्लीः अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और इसराइल के बीच जारी संघर्ष के बीच दोनों देशों में सीजफायर की घोषणा की है, लेकिन इस घोषणा के बाद से ईरान द्वारा इसराइल पर लगातार मिसाइल हमले जारी हैं। वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने स्पष्ट किया है कि अभी तक किसी भी तरह का सीजफायर या सैन्य कार्रवाई रोकने संबंधी कोी समझौता नहीं हुआ है लेकिन अगर इसराइली हुकूमत ईरानी समय के मुताबिक सुबह 4 बजे तक ईरान के खिलाफ अपनी गैरकानूनी जंग रोक देती है तो हमारा जवाबी हमला जारी रखने का कोई इरादा नहीं है।
उल्लेखनीय है कि ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों में एक मिसाइल बीरशेवा शहर में एक इमारत पर गिरी, जिससे तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
इससे पहले अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार की सुबह सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्रुथ सोशल पर लिखा-इसराइल और ईरान के बीच यह पूरी तरह तय हो गया है कि अब एक संपूर्ण और अंतिम युद्धविराम होगा। यह सीजपायर छह घंटे बाद लागू होगा, यानी वॉशिंगटन समयानुसार सोमवार रात करीब 12 बजे। हालांकि ट्रंप की पोस्ट में यह नहीं बताया गया कि यह युद्धविराम कैसे तय हुआ, कौन इसमें शामिल था या औपचारिक समझौता कहां और किसकी माध्यम से हुआ।
ईरान का कतर में अमरीकी सैन्य अड्डे पर हमला
ईरान के परमाणु अड्डों पर अमरीकी हमले का जवाब देते हुए ईरान ने अमरीका के खिलाफ जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं। ईरान अमरीकी सैन्य ठिकानों पर ईरानी मिसाइलें गिराई। यह धमाके तब हुआ जब कतर में अमरीकी सैन्य ठिकानों पर ईरान के जवाबी हमले की अटकलें लगाई जा रही थी। वहीं ईरान ने अमरीकी सैन्य अड्डे पर हमले से पहले अमरीका को सूचित कर दिया था और अमरीकी दूतावास ने अपने सभी नागरिकों को आगामी सूचना तक सुरक्षित ठिकोनों पर रहने को कहा है।
कतर ने इस हमले को अपनी संप्रभुता और अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दिया है। उल्लेखनीय है कि कतर स्थित अल उदेद अड्डा अमरीकी मध्य कमान का रिजन हैडआफिस है, यहां लगभग 9000 अमरीकी सैनिक तैनात हैं।
