
वैसे तो मानव विकास और बीमारियों से लड़ने के लिए अनेक खनिज और खाद्य पदार्थ, फल-फूल प्रकृति में मौजूद हैं लेकिन किन्नू एक ऐसा फल है जिसमें ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को बेलेंस रखने की अद्भुत शक्ति विद्यमान है। किन्नू नींबू और संतरा फैमिली का हो हाईब्रिड फल है।
इसमें विद्यमान तत्व जहां मानव शरीर का भरण-पोषण करते हैं वहीं शरीर में बीमारियों से लड़ने की अद्भुत शक्ति इम्युनिटी सिस्टम को मजबूत करने की शक्ति है। किन्नू में विटामिन C, A, B6, Potassium (K) एंटीऑक्सीडेंट, कैल्शियम(Ca)और खासतौर पर फ्लेवोनॉयड्स ( flavonoids) तत्व मौजूद हैं।
किन्नू ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को कैसे बेलेंस करता है।
किन्नू के रेशे-रेशे में फ्लेवोनॉयड्स ( flavonoids) तत्व मौजूद है, जो कार्डियोवेस्कुलर बीमारियों(CBD) रिस्क को कम करता है। एक अध्ययन के मुताबिक करीब 6.6 मिलियन लोग हाइपरटेंशन(हाई ब्लड प्रेशर) से पीड़ित हैं और फ्लेवोनॉयड्स ( flavonoids) हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरे को कम करता है। वैसे तो फ्लेवोनॉयड्स वाइन, टी और वेजिटेबल्स, चॉकलेट में भी पाए जाते हैं मगर किन्नू में फ्लेवोनॉयड्स भरपूर मात्रा में होने के चलते इसे हार्ट और ब्लड प्रेशर के रोगियों के लिए अहम माना गया है।
इम्युनिटी को कैसे मजबूत करता है किन्नू
किन्नू में मौजूद पोषक तत्व विटामिन सी पाचन शक्ति को मजबूत करता है। विटामिन सी जहां भूख को बढ़ाता है और मेटाबॉलिज्म को तेज करता है, वहीं यह रोग प्रतिरोगात्मक शक्ति को भी मजबूत करता है। इसके अतिरिक्त इसमें मौजूद पोषक तत्व कैल्शियम हड्डियों को मजबूत करता है और पोषक तत्व पोटाशिययम कोलेस्ट्रॉल के को मैनेज करता है।
मधुमेह रोगी भी सेवन कर सकते हैं
वैसे तो डॉक्टर मधुमेह रोगियों को ज्यादातर पपीता और अमरूद खाने की सलाह देते हैं, लेकिन मधुमेह रोगी भी किन्नू का सेवन कर सकता हैं। मधुमेह रोगियों को डायटीशियंस की खास सलाह दी जाता है कि अगर किन्नू का सेवन करना है तो किन्नू का जूस नहीं पीना चाहिए, बल्कि इसकी फाड़ियां खानी चाहिएं।
क्योंकि मधुमेह रोगियों में अक्सर पाचन संबंधी समस्याएं पैदा हो जाती है और किन्नू में मौजूद तत्व विटामिन सी पाचन तंत्र को मजबूत करता है और भूख को बढ़ाता है। इसका रस जल्द पेट में आसानी से घुल जाता है।