
नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी प्राइवेट-सरकारी स्कूलों को स्कूल में लड़कियों को फ्री सैनेटर पैड देने और लड़के-लड़कियों के अलग-अलग वॉशरुम के भी निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि जो स्कूल इन आदेशों का पालन नहीं करेंगे उनकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी।
दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला मेन्स्ट्रुयल हाइजीन पॉलिसी की सुनवाई के दौरान किया है। पिछले 3 सालों से इसकी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। जिस पर सर्वोच्च न्यायालय ने अपना फैसला सुनाया है। कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि हर स्कूल में दिव्यांगों के अनुकूल टॉयलेट भी बनाए।
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बता दें सोशल वर्कर जया ठाकर ने साल 2024 में जनहित याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने लड़कियों के स्वास्थ्य सुरक्षा पर चिंता जताई थी।
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