कभी पंथ के लिए संघर्ष करने वाला अकाली दल आज ड्रग माफिया को बचाने के लिए लड़ रहा हैः अमन अरोड़ा


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चंडीगढ़/सोमनाथ कैंथ

आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने बिक्रम मजीठिया की गिरफ्तारी को लेकर शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल पर तीखा हमला बोला है। अरोड़ा ने कहा कि कभी पंथ और पंजाब के लिए संघर्ष करने वाला अकाली दल आज ड्रग माफिया को बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है। यह बेहद दुर्भाग्य की बात है।

अरोड़ा ने कहा कि सुखबीर बादल बोल रहे हैं कि अकाली दल के हजारों वर्करों को बिक्रम मजीठिया की पेशी पर जाने से रोका गया। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या आपके पास पूरे पंजाब में इस समय हजार वर्कर हैं? उन्होंने कहा कि आपने अपने 10 साल के कार्यकाल के दौरान अपने काले कारनामों से अकाली दल को ख़ाली दल बनाकर रख दिया।

कोई भी नेता ड्रग माफिया के खिलाफ सरकार की कार्रवाई में बाधा न पहुंचाएं

अरोड़ा ने चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी नेता ड्रग माफिया के खिलाफ सरकार की कार्रवाई में बाधा न पहुंचाएं, नहीं तो ऐसे सभी लोगों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा। पुलिस और जांच एजेंसी को अपना काम कर रही है। वह कानून के अनुसार ही किसी को गिरफ्तार करता है और उसपर मुकदमा दायर करता है।

उन्होंने कहा कि अकाली-भाजपा की सरकार के समय इन लोगों ने पंजाब को लूटा और युवाओं को नशे की तरफ धकेला। आज पंजाब उसका इंसाफ मांग रहा है और आप सरकार उन सभी लोगों को न्याय दिलाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है। हम ऐसे सभी लोगों को कानून के कटघरे में खड़ा करेंगे जो नशे के कारोबार में शामिल रहा है।

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अकाली दल के कार्यकर्ता अदालत क्यों जा रहे हैं? क्या उन्हें कानून पर भरोसा नहीं है? – बलतेज पन्नू

आप नेता बलतेज पन्नू ने कहा कि यह अदालत और कानून का मसला है मुझे यह समझ नहीं आ रहा कि यह अकाली दल वाले अदालत को क्यों घेरने जा रहे हैं? क्या उन्हें कानून पर विश्वास नहीं है?

उन्होंने कहा कि अगर आपको कानून और कोर्ट पर विश्वास है तो वकीलों को बहस करने दीजिए। यह अदालत तय करेगा कि पुलिस को आगे उनका रिमांड मिलेगा है या नहीं। क्या आप लोग अदालत को घेरकर जज पर दबाव बनाना चाहते हैं?

पन्नू ने कहा कि अदालत के सामने बिक्रम मजीठिया का पक्ष उनके वकील रख रहे हैं। दूसरी तरफ विजिलेंस का पक्ष भी सरकार का वकील रख रहा है। अब अदालत को सबूत और बहस के आधार पर फैसला करना है और अदालत जो भी फ़ैसला करेगी वह सबको मंज़ूर होना चाहिए क्योंकि कानून के अनुसार ही देश और राज्य का कामकाज चलता है।

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