
जालंधर(सोमनाथ कैंथ)
हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पानी बहुत जरूरी है। दिन में तो हम खूब पानी पीते हैं लेकिन सुबह गोल्डन ऑवर में पानी पीना ईंधन का काम तो करता ही है, इसके साथ सुबह के समय पानी पीना शरीर को डिटॉक्स भी करता है। विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं और पाचन क्रिया मजबूत होती है।
क्या है गोल्डन ऑवर
सुबह जब हम सोकर उठते हैं तो वह समय गोल्डन ऑवर होता है। इस दौरान खाली पेट पानी पीने काफी लाभदायक होते है
डॉक्टर अशोक कुमार, एमडी के मुताबिक बॉडी के मेटाबॉलिज्म को ठीक रखने के लिए सुबह उठते ही कम से कम दो गिलास पानी के जरूर पीने चाहिएं और पानी ब्रश करने से पहले पीना चाहिए। एनर्जी लेबल बढ़ता है डॉ, अशोक कहते हैं कि रात को हम जरूर सोते हैं लेकिन हमारे शरीर के अंग फेफड़े, दिल, लीवर, किडनी और पेट की आंतड़ियां अपना काम जारी रखती है। जब सुबह उठकर हम पानी पीते है तो हमारे शरीर का मेटाबॉलिजम एक्टिव हो जाता है और हमारे शरीर का एनर्जी लेबल भी बढ़ता है।
- माइल्ड डीहाईड्रेशन: रात को सात-आठ घंटे सोए रहने से शरीर में माइल्ड डीहाईड्रेशन हो जाती है और सुबह खाली पेट करीब दो गिलास पानी पीने से बॉडी हाईड्रेट हो जाती है। हाईड्रेशन से शरीर में चुस्ती बढ़ती और दिमाग ऑक्सीजन की सप्लाई बेहतर होने से दिमाग सही ढंग से काम करता है।
- पाचन तंत्र मजूबत: सुबह ब्रश करने से पहले पानी पीने से एसिडिटी की समस्या तो दूर होती ही है साथ में साथ में कब्ज की समस्या दूर होती है और पाचन तंत्र बेहतर हो जाता है। वहीं अगर गुनगुना पानी पिया जाए तो यह पेट की चर्बी को कम करने में भी सहायता करता है।
- डेड सेल्ज रिपेयर: सुबह पानी पीने से शरीर में ऑक्सीजन की कमी दूर होने के साथ-साथ शरीर के डेड सेल्ज भी रिपेयर होते हैं। पानी के साथ बॉडी करें डिटॉक्स वैसे तो खाली पेट पानी पीने से बॉडी डिटॉक्स होती है मगर अगर नींबू पानी पिया जाए तो शरीर और बेहतर ढंग से डिटॉक्स होगा। क्यों नींबू विटामिन सी से भरपूर होता है और नींबू की एंटीऑक्सीडेंट प्रॉपर्टी होने के कारण ये पानी शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसके अलावा अगर खीना और पुदीना पानी पिया जाए तो यह पानी शरीर को हाईड्रेट रखता है। पाचन क्रिया की मजबूती के साथ त्वचा भी स्वस्थ होती है।
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रात को पानी में मेथी बीज भिगोकर रखने और सुबह छलनी से पानी छान कर पीने से शरी से टॉक्सिंस बाहर निकल जाते हैं। इसके अलावा हल्दी पानी, अदरक पानी और धनिया पानी पीना भी शरीर के लिए काफी लाभकारी है।
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अदरक पानी पीने से पाचन बेहतर होता है और शरीर में मौजूद गंदगी बाहर निकलती है।
जापान की वाटर थरेपी और आयुर्वेद की ऊषापान थेरेपी खूब हो रही प्रचलित
भारत से चलकर बहुत की पद्धतियां विदेश चली गई है और हम उन्हें विदेशी पद्धतियां मानकर अपनाने लगे हैं। आयुर्वेद के मुताबिक सुबह खाली पेट पानी पीने को ऊषापान कहते हैं और जापान के लोग इसे वाटर थेरेपी कहते हैं। जापान के लोगों को देखें तो लंबी उम्र का राज उनका रहन-सहन, खान-पीन तो है ही साथ में जापान में वटर थेरेपी भी बहुत प्रचलित है।
इसके साथ ही चीन में भी वाटर थेरेपी का प्रचलन काफी है और भारत में भी यह थेरेपी काम करने लगी है। जापानी वाटर थेरेपी एक प्रकृतिक चिकित्सा पद्धति है जो शरीर को डिटॉक्स करने के लिए अपनाई जाती है। जापान के लिए सुबह उठकर तीन-चार गिलास पानी पीते हैं और करीब पौने घंटे तक कुछ नहीं खाते। इस प्रक्रिया से शरीर में जमा हुए विषाक्त पदार्थ पेशाब और मल के द्वारा शरीर से बाहर निकल जाते हैं। पाचन प्रक्रिया मजबूत होती है और स्किन पर ग्लो आती है।
कम पानी पीने से छोटी उम्र में बुढ़ापा
धरती की तरह है हमारे शरीर में भी पानी की मात्रा बहुत ज्यादा है। औसतर हमारा शरीर में 70 प्रतिशत से अधिक मात्रा में पानी है। नैशनल हैल्थ इंस्टीच्यूट की एक रिपोर्ट में पानी की अहमियत को बताया गया है कि कैसे हमारे शरीर के लिए पानी बहुत जरूरी है। रिपोर्ट के मुताबिक जो लोग कम पानी पीते हैं उनमें बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
शरीर पूरी तरह से डिटॉक्स नहीं होता और डिहाईड्रेशन का खतरा भी बना रहता है। खाया पिया अंदर ही अंदर सड़ता रहता है। ब्लड प्रैशर और दिल की बीमारियां बढ़ जाती है। ऐसे में कम पानी पीने वालों में छोटी उम्र में ही बुढ़ापे का खतरा बन जाता है। यही नहीं ऐसे लोगों में क्रॉनिक बीमारियों का खतरा भी बढ़ता जाता है। ब्लड में कलस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है।