Health Awareness: दिल की धड़कन को दुरुस्त रखता है मैग्नीशियम


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Health Awareness: दिल की धड़कन को दुरुस्त रखता है मैग्नीशियम

जालंधर/सोमनाथ कैंथ
ऐसा कई बार होता है कि हमें लगता है कि हमारे दिल की धड़कन तेज हो गई है और कुछ देर बाद यह सामान्य हो जाती है। दिल की धड़कन तेज होना कोई गंभीर समस्या नहीं है लेकिन कुछ मामलों में यह हृदय की गंभीर समस्या की तरफ इशारा जरूर करती है। वहीं दूसरी तरफ कई बार हमें लगता है कि हमारा दिल धड़कना बंद हो गया है। एक अनुमान के मुताबिक डॉक्टर के पास जाने वाले 16 प्रतिशत लोग दिल की धड़कन के कारण होते हैं।

दिल की धड़कन बढ़ने का कारण अधिक कैफीन या शराब, नींद की कमी, तनाव, चिंता, डर, सदमा, घबराहट इत्यादि के अलावा शरीर में मैग्नीशियम और पोटाशियम की कमी भी हो सकता है। मैग्नीशियम, पोटोशियम और अन्य इलेक्ट्रोलाइट्स हमारे हृदय की लय को प्रभावित करते हैं। इसलिए साल में दो बार अपने शरीर की मेडिकल जांच सहित रक्त परीक्षण करवाते रहना चाहिए।

मैग्नीशियम मानव शरीर में एक महत्वपूर्ण खनिज है। एक अनुमान के अनुसार 60 फीसदी व्यस्क औसत आहार सेवन प्राप्त नहीं कर पाते। अमरीका में 45 फीसदी लोग मैग्नीशियम की कमी से पीड़ित हैं। वहीं भारत में 60 फीसदी लोग अपनी खुराक में मैग्नीशियम की जरूरत को पूरा नहीं करते हैं। ऐ

क्या होता है जब शरीर में मैग्नीशियम की कम हो
मैग्नीसियम की कमी, जिसे हाइपोमैग्नेसीमिया भी कहते हैं, यह एक ऐसी हेल्थ प्रॉब्लम है, जिसे अक्सर हम अनदेखा कर देते हैं। इसकी कमी के कारण शरीर में जकड़न(ऐंठन), शरीर कांपना, मांसपेशियों में ऐंठन इत्यादि की समस्या है सकती है। कभी कभी मैग्नीशियम की कमी के कारण मानसिक समस्याएं भी पैदा हो जाती हैं। उदाहरण के तौर पर उदासीनता, मानसिक सुन्नता या भावनाओं की कमी।
इसके अलावा ब्लड प्रेशर का बढ़ना, जिससे हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है। मैग्नीशियम रक्तचाप के कम करता है। कई बार मैग्नीशियम की कमी भी दिल की धड़कन का कारण हो सकती है।

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मैग्नीशियम की कमी के कारण

मैग्नीशियम की कमी के कई कारण हो सकते हैं: उपवास, कीमोथैरेपी दवाओं और प्रोटॉन पंप अवरोधकों जैसी कुछ दवाओं का सेवन, पैराथाइरॉइड या थायरॉइड सर्जरी के बाद Hungry Bone Syndrome इत्यादि। शूगर, कुपोषण, क्रोनिक डायरिया और सीलिएक रोग जैसी स्वास्थ्य स्थितियाँ मैग्नीशियम की कमी से जुड़ी हैं। शराब के सेवन से भी मैग्नीशियम की कमी हो सकती है।

मैग्नीशियम, पोटेशियम और दिल के स्वास्थ्य के बीच संबंध
विटामिन, खनिज और पोषक तत्व हमारे दिल को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हालांकि बहुत से लोग जानते हैं कि विटामिन और खनिज हमारे शरीर के लिए बहुत ही जरूरी हैं लेकिन बहुत से लोग यह नहीं जानते कि कौन से तत्व सबसे ज्यादा प्रभावशाली हैं, जो दिल को अलग-अलग तरह से लाभ पहुंचाते हैं। इनमें ओमेगा-3 फैटी एसिड, साइलिमय फाइबर, मैग्नीशियम, पोटेशियम, एमिनो एसिड एल-कार्निटाइन और कोएंजाइम Q 10 अलग-अलग तरीके से दिल को लाभ पहुंचाते हैं।
उदाहरण के तौर पर कोएंजाइम Q 10 एक एंटीऑक्सीडेंट है जो दिल की रक्षा करता है और दिल की कोशिका वृद्धि का समर्थन करता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड शरीर के ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को कम करने में सहायता करता है।
अब बता मैग्नीशियम, पोटेशियम और दिल के बीच संबंध की करें तो दोनों खनिज दिल के स्वास्थ्य, शक्ति और कार्यक्षमता के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के मुताबिक जब शरीर में मैग्नीशियम की कमी होती है तो हृदय की दवाएं भी उतना अच्छी तरह काम नहीं करती।
वहीं पोटेशियम का सवेन बढ़ाने से हृदय पर लाभकारी प्रभाव पड़ सकता है, जिसमें हृद्य रोग, स्ट्रोक और हाई ब्लड प्रेशन का जोखिम कम होना शामिल है। शोध के मुताबिक पोटेशियम का स्तर कम होने पर धमनियां सख्त हो जाती है। पोटेशियम रक्त वाहिकाओं को आराम देने और शरीर से अत्याधिक सोडियम को बाहर निकालने में मदद करता है।
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के अनुसार पोटेशियम कोशिकाओं के सामान्य रूप से कार्य करने में मदद करता है। हालांकि मैग्नीशियम के बिना पोटेशियम इनमें कोई भी काम कुशलतापूर्वक नहीं कर पाता है। मैग्नीशियम हृदय कोशिकाओं में पोटेशियम पहुंचाने और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

टाइप 2 मधुमेह का जोखिम कम करता है मैग्नीशियम
आहार में मैग्नीशियम का अधिक सेवन सीधे टाइप 2 मधुमेह के विकास के कम जोखिम से जुड़ा है। मैग्नीशियम इंसुलिन क्रिया और ग्लूकोज चयापचय में अहम रोल अदा करता है। इससे खून में शूगर के स्तर को प्रभावशाली ढंग से नियंत्रित करने में मदद मिलती है। पर्याप्त मैग्नीशियम लेबल न केवल शरीर की ग्लूकोज का उपयोग करने में क्षमता के समर्थन करता है, बल्कि अधिक रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में योगदान देता है।

मैग्नीशियम और पोटेशियम की कमी को पूरा करने के लिए क्या खाएं
अपने शरीर में मैग्नीशियम की कमी को दूर करने के लिए केला, एवोकाडोस, फलियां, ब्लैक बीन्स, सोया उत्पाद और हरे पत्तेदार सब्जियों की मात्रा बढ़ाएं।
वहीं शरीर में पोटेशियम की कमी न हो इसके लिए अपनी खुराक में केला, टमाटर, दाल, विंटर क्वैश, पालक, ब्रोकली, सूखे मेवे, संतरे और नारियल पानी को शामिल करें।

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