
जालंधर/सोमनाथ कैंथ
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से कांग्रेसी विधायक सुखपाल खैहरा के खिलाफ आए फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट जालंधर के चेयरमैन रमनीक सिंह रंधावा ने कहा कि यह फैसला खैहरा के काले कारनामों और दोहरे चरित्र का स्पष्ट प्रमाण है।
पंजाब की जनता अब उन नेताओं का असली चेहरा देख चुकी है जो खुद को साफ-सुथरा दिखाते हैं लेकिन गंभीर आपराधिक और नशा तस्करी के मामलों में लिप्त रहते हैं।
रमनीक सिंह रंधावा ने कहा, “यह केवल खैहरा की कानूनी हार नहीं, बल्कि उनकी नैतिक और राजनीतिक हार भी है। जो नेता जनता के भरोसे को तोड़ते हैं और पंजाब की छवि को कलंकित करते हैं, उनका राजनीति में कोई स्थान नहीं है। हाईकोर्ट के फैसले ने साफ कर दिया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं।”
उन्होंने आगे कहा कि पंजाब को ईमानदार, स्वच्छ और समर्पित नेतृत्व की जरूरत है—न कि उन लोगों की जो अपने पद का दुरुपयोग निजी लाभ के लिए करते हैं। पंजाब की जनता ऐसे नेताओं को आने वाले समय में कड़ा सबक सिखाएगी।