
चंडीगढ़ : राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने खालिस्तानी संगठन “सिख्स फॉर जस्टिस” के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू पर UAPA के तहत देशद्रोह का मामला दर्ज किया है।
बता दें कि यह कार्रवाई उस बयान के बाद कि गई है, जिसमें पन्नू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लाल किले पर तिरंगा फहराने से रोकने के लिए 11 करोड़ रुपए का इनाम देने की बात कही थी।
इसके साथ ही भारतीय सिख सैनिकों को भड़काने की कोशिश करते हुए दावा किया था कि खालिस्तान की लड़ाई के लिए उसने शहीदों का एक ग्रुप बनाया है। पन्नू ने खालिस्तान का नक्शा जारी किया था, जिसमें दिल्ली, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश को भी खालिस्तान में शामिल दिखाया गया है।
एनआईए ने इस मामले में बीएनएस 2023 की धारा 61(2) और यूएपीए की धारा 10 व 13 के तहत केस दर्ज किया है। अब एजेंसी इस साजिश में शामिल अन्य लोगों और इस नेटवर्क के विस्तार की जांच करेगी।
इससे पहले, कनाडा में आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू का करीबी सहयोगी और दाहिना हाथ माने जाने वाला खालिस्तानी चरमपंथी इंद्रजीत सिंह गोसल की गिरफ्तारी हुई। गोसल की गिरफ्तारी इस बात का स्पष्ट संकेत है कि खालिस्तान समर्थक संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ के खिलाफ एजेंसियों ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।