
जालंधर:अग्रवाल वेलफेयर बोर्ड पंजाब के चेयरमैन एवं वार्ड पार्षद अश्वनी अग्रवाल ने मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान की दूरदर्शी सोच और मजबूत नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि “युद्ध नशे के विरुद्ध” अभियान के 300 दिन पूरे होना पंजाब के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा 1 मार्च 2025 को शुरू किया गया “युद्ध नशे के विरुद्ध” अभियान केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि समाज को नशा मुक्त बनाने का आज व्यापक जन आंदोलन बन चुका है। अश्वनी अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री मान ने सत्ता संभालते ही नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाकर यह स्पष्ट कर दिया था कि पंजाब के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। मान सरकार की सख्त कार्यवाही के चलते आज नशा तस्करों में भय का माहौल है और उनका पूरा नेटवर्क कमजोर पड़ चुका है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि इस अभियान के तहत इन 300 दिनों में राज्य भर में पंजाब पुलिस द्वारा हेरोइन, अफीम, पोपी हस्क, चरस, गांजा, कोकीन, आइस ड्रग सहित भारी मात्रा में नशीले पदार्थ, लाखों गोलियां-कैप्सूल, इंजेक्शन और टॉक्सिक पाउडर जब्त किए जा चुके हैं। इसके साथ ही करोड़ों रुपए से अधिक की ड्रग मनी ज़ब्त कर करोड़ों रुपए की अवैध संपत्तियों को भी अटैच किया गया है। लगातार की जा रही गिरफ्तारियाँ, संपत्तियों की जब्ती और सख्त कानून व्यवस्था ने नशे के सौदागरों में भय का माहौल पैदा किया है। यह अभियान केवल नशा तस्करों पर कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पंजाब की युवा पीढ़ी को बचाने की निर्णायक लड़ाई है। यह मुहिम आज जन-आंदोलन का रूप धारण कर चुकी है।
उन्होंने कहा कि सीएम मान का नेतृत्व केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि नशा पीड़ित युवाओं को सम्मानजनक पुनर्वास, खेलों, शिक्षा और रोजगार से जोड़ने की मानवीय सोच भी इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत है। प्रदेश भर में पुनर्वास केंद्रों को मजबूत करना और युवाओं के लिए सकारात्मक विकल्प तैयार करना मुख्यमंत्री की संवेदनशील शासन शैली को दर्शाता है। श्री अग्रवाल ने विश्वास जताया कि यह मुहिम आने वाले समय में पंजाब को नशा मुक्त बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।