
जालंधर: जालंधर का प्रसिद्ध बाबा सोढल मेला आज से शुरू हो गया है। पुलिस प्रशासन की तरफ से मेले के चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात की गई,ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के बाबा जी के दर्शन कर सकें । बता दें बाबा सोढल मेला पंजाब के सबसे महत्वपूर्ण मेलों में से एक है। मेला हर साल भादों (सितंबर) के माह में विशेष रूप से शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को लगता है । इसमें हजारों श्रद्धालु बाबा जी की दर्शन कर उनका आर्शीवाद प्राप्त करते है।
बाबा सोढल मेले का इतिहास
कहा जाता है बाबा सोढल का जन्म जालंधर शहर में चड्ढा परिवार में हुआ था। सोढल बाबा जी के साथ कई कहानियां जुड़ी हुई हैं। किंवदंती के अनुसार, बाबा सोढल बहुत चंचल बालक थे, जो अपनी मां के बार-बार मना करने पर उनके पीछे तालाब तक जाते थे, जहां वह कपड़े धोने जाती थीं।
एक दिन, मां ने क्रोध में उनको तालाब में कूदने को कहा, तो उन्होंने उनकी आज्ञा का पालन करते हुए तालाब में छालांग लगा दी। मां की जब यह पता चला तो उन्होंने जोर-जोर से विलाप करना शुरू कर दिया। माता का विलाप सुनकर बाबा सोढल एक पवित्र सांप के रूप में प्रकट हुए। उन्होंने निर्देश दिया कि चड्ढा और आनंद परिवार को ‘टोपा’ या ‘मठरी’ प्रसाद के रूप में उन्हें चढ़ाना होगा। इस प्रसाद का सेवन चड्ढा और आनंद परिवार के सदस्य ही कर सकते हैं।