
जालंधर/सोमनाथ कैंथ
पंजाब के कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने हरियाणा में सीनियर आई.पी.एस अधिकारी वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या की दुखद घटना के विरोध में रविवार को जालंधर में कैंडल मार्च का नेतृत्व किया और दलित अधिकारियों एवं नागरिकों की सुरक्षा में असफल रहने पर भाजपा सरकारों की निंदा की।
यह मार्च, जो श्री राम चौक से शुरू होकर लव कुश चौक पर समाप्त हुआ, में आम आदमी पार्टी (आप) के सीनियर नेताओं और सिविल सोसायटी के सदस्यों ने हिस्सा लिया। कैबिनेट मंत्री, जिनके साथ मेयर विनीत धीर, डिप्टी मेयर मलकीत सिंह, पंजाब राज्य सहकारी कृषि विकास बैंक के चेयरमैन पवन कुमार टीनू, जिला योजना कमेटी के चेयरमैन अमृतपाल सिंह, पंजाब एग्री एक्सपोर्ट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन मंगल सिंह बस्सी, पंजाब लघु उद्योग और एक्सपोर्ट कॉर्पोरेशन के वाइस चेयरमैन दिनेश ढल्ल और सीनियर ‘आप’ नेता राजविंदर कौर थियाड़ा भी मौजूद थे, ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतक अधिकारी एवं उसके परिवार के लिए न्याय की मांग की।
भगत ने कहा कि अधिकारी, जो दलित समुदाय से संबंधित था, को सिस्टम द्वारा इतना अधिक तंग-परेशान किया गया कि उन्हें अपनी जान लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार का रुख न केवल प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है, बल्कि इसकी दलित विरोधी मानसिकता को भी उजागर करता है। इसी तरह उन्होंने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया, जो दलित समुदाय से संबंधित हैं, पर हाल ही में हुए हमले के प्रयास को भी इस पक्षपात की एक और चिंताजनक उदाहरण बताया।
केंद्र और हरियाणा की भाजपा सरकारों पर भेदभाव को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि ऐसी घटनाओं ने दलित समुदायों में देशव्यापी रोष पैदा कर दिया है। उन्होंने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की और न्याय सुनिश्चित करने के लिए आपराधिक मामला दर्ज करने की अपील की।