
चंडीगढ़ में एमबीए छात्रा रेप एंड मर्डर केस में अदालत ने सीरियल रेपिस्ट और सीरियल किलर मोनू कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दूसरी तरफ अदालत के फैसले से छात्रा के माता-पिता ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यह इंसान नहीं, एक पुश है और ऐसे कुख्यात अपराधी को फांसी की सजा मिलनी चाहिए थी।
एमबीए छात्रा रेप एंड मर्डर केस 15 साल पुरान साल 2010 का है। पुलिस को 12 साल तक आरोपी का कोई सुराग नहीं मिला और पुलिस ने केस को अनट्रेस घोषित कर दिया था। लेकिन 2022 में चंडीगढ़ सेक्टर-56 में एक महिला की हत्या के दौरान जुटाए गए सबूतों ने एमबीए छात्रा रेप एंड मर्डर केस की तरफ इशारा किया। दोनों मामलों में हत्या का पैटर्न एक जैसा था, पीड़िताओं के मुंह में रुई ठूंसी गई थी और डीएनए सैंपल मेल खा गया।
आखिर पुलिस आरोपी तक पहुंच ही गई। आरोपी की पहचान डड्डूमाजरा, शाहपुर कॉलोनी के निवासी मोनू कुमार के रूप में हुई लेकिन पुलिस के आगे तब दूसरी दिक्कत यह खड़ी थी कि आरोपी चंडीगढ़ छोड़कर बिहार भाग चुका था। न उसके मोबाइल फोन था और न कोई बैंक अकाउंट।
2024 में मोनू कुमार चंडीगढ़ लौटा तो मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में उसने न सिर्फ दोनों महिलाओं की हत्या का जुर्म माना, बल्कि 2008 में हिमाचल के चंबा में छह साल की एक बच्ची के साथ रेप और हत्या की बात भी उसने कबूल की। आरोपी के खिलाफ रेप और मर्डर के अलावा चोरी और लूटपाट के भी केस दर्ज हैं।