
लुधियाना के गांव ससराली के पास सतलुज नदी का धुस्सी बांध डैमेज हो गया है, जिससे आसपास के 14 गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। जिला प्रशासन ने ससराली, खासी खुर्द, समेत 15 गांवों के लिए पहले ही अलर्ट जारी कर दिया था। प्रशासन द्वारा ससराली कॉलोनी को खाली करा लिया गया और आसपास के गांवों के लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है। हालात को देखते हुए बांध के पास सेना और NDRF ने मोर्चा संभाल लिया। बता दें कि ससराली बांध टूटने से ससराली, बूट, रावत, हवास, सीड़ा, बूथगढ़, मंगली टांडा, ढेरी, ख्वाजके, खासी खुर्द, मंगली कादर, मत्तेवाड़ा, मांगत और मेहरबान में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
बता दें कि दुनिया का पेट भरने वाला पंजाब आज बाढ़ के कारण कठिन दौर से गुजर रहा है। बाढ़ के कारण करीब चार लाख एकड़ फसल खराब हो गई है। बाढ़ के कारण हुए भारी नुकसान को उजागर करते हुए पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार 4 लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र में खड़ी फसलें बाढ़ के पानी की चपेट में आई हैं। कटाई के सीजन से कुछ सप्ताह पहले, धान की फसल सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है।
उन्होंने बताया कि इस तबाही के नतीजे स्वरूप किसानों और राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ है। पशुधन को हुए नुकसान से ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर और भी बुरा असर पड़ा है।
स. खुड्डियां ने कहा कि देश की खाद्य सुरक्षा में पंजाब का विशेष योगदान है और एक कृषि प्रधान राज्य होने के नाते पंजाब केंद्रीय खाद्य पुल में अहम योगदान देता है। हालांकि बाढ़ के कारण फसलें, कृषि बुनियादी ढांचा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था बड़े पैमाने पर प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य की आर्थिक रीढ़ कही जाने वाली कृषि पर भारी दबाव है, इसलिए इस क्षेत्र को फिर से जीवित करने और किसानों को तत्काल सहायता देने की आवश्यकता है।