
अमृतसर : गुरु नानक देव विश्वविद्यालय(जीएनडीयू) के शारीरिक शिक्षा विभाग के संकाय सदस्यों ने एक नए जिम उपकरण “फोरआर्म ट्विस्टिंग मशीन” का एक प्रोटोटाइप विकसित किया है। “फोरआर्म ट्विस्टिंग मशीन” का उद्देश्य नियंत्रित घूर्णी गति के माध्यम से कलाई और फोरआर्म की ताकत बढ़ाना है, जो एथलीटों, पुनर्वास रोगियों और सामान्य फिटनेस उत्साही लोगों के लिए उपयुक्त है।
इस अभिनव फिटनेस उपकरण को विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग के संकाय सदस्य डॉ. अकील रसूल और डॉ. परमिंदर सिंह द्वारा डिज़ाइन और विकसित किया गया है।
शोधकर्ताओं ने न केवल एक कार्यशील प्रोटोटाइप का सफलतापूर्वक निर्माण किया है, बल्कि इस मूल रचना के लिए डिज़ाइन कॉपीराइट भी प्राप्त किया है, जो शारीरिक शिक्षा और खेल विज्ञान में नवाचार और अनुप्रयुक्त अनुसंधान के विश्वविद्यालय के प्रयास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
शोधकर्ता डॉ. परमिंदर सिंह और डॉ. अकील रसूल, माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) करमजीत सिंह के दूरदर्शी नेतृत्व और नवाचार एवं अनुसंधान के प्रति उनके अटूट प्रोत्साहन के लिए उनका हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं। इस उपलब्धि में उनके निरंतर सहयोग और सुविधा के लिए शैक्षणिक मामलों के डीन प्रो. (डॉ.) पलविंदर सिंह, रजिस्ट्रार प्रो. करमजीत सिंह चहल और छात्र कल्याण डीन प्रो. हरविंदर सिंह सैनी का भी हार्दिक धन्यवाद। विकास प्रक्रिया के दौरान उनके निरंतर मार्गदर्शन और प्रेरणा के लिए शारीरिक शिक्षा विभाग के प्रमुख डॉ. अमनदीप सिंह का विशेष आभार।
फोरआर्म ट्विस्टिंग मशीन का प्रोटोटाइप औपचारिक रूप से विश्वविद्यालय जिम को प्रस्तुत किया गया है, जो व्यावहारिक प्रशिक्षण वातावरण में अनुसंधान-संचालित नवाचार को एकीकृत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह उपलब्धि शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और व्यावहारिक अनुप्रयोग की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए जीएनडीयू की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो शिक्षण, अनुसंधान और सामुदायिक सहभागिता में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के विश्वविद्यालय के मिशन के साथ संरेखित है।