
चंडीगढ़ः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पंजाब के बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा करने के बाद 1,600 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता की घोषणा को राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने ऊंट के मुंह में जीरे के सामान है। । हरपाल चीमा ने कहा कि कृषि कानून का सबसे ज्यादा विरोध पंजाब के किसानों ने किया । इसी कारण पंजाब के लोगों से प्रधानमंत्री नफरत करते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को सुझाव देते कहा कि उनको 10- 12 दिन की छुट्टी लेकर ध्यान करना चाहिए ताकि उनके मन से पंजाब के प्रति नफरत कम हो।
इसके साथ ही उन्होंने इस बात से इंकार किया कि पंजाब के स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फंड में 12000 करोड़ रुपए बकाया पड़े है। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई फंंड स्टेट के पास नहीं है। हरपाल चीमा ने प्रधानमंत्री द्वारा राज्य के मंत्री हरदीप सिंह मुंडिया को अपमानित करने की भी आलोचना करते कहा कि लोकतंत्र में चुनी हुई सरकार के सदस्यों की अवहेलना करके अपनी पार्टी के लोगों को प्राथमिकता देना सही नहीं है।
चीमा ने कहा कि कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियन, जो गुरदासपुर में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा के लिए प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में शामिल थे, ने उनसे जब कहा कि 1,600 करोड़ रुपए इतनी बढ़ी त्रासदी के लिए कम है, तो प्रधानमंत्री ने इसके जवाब में मुंडियन से कहा कि क्या आपको हिंदी समझ नहीं आती? आपको समझ नहीं आता कि 1,600 करोड़ रुपए दे दिए गए हैं। प्रधानमंत्री ने हमारी मातृभाषा पंजाबी, पंजाब के लोगों और पंजाबियत का अपमान किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने दौरे के दौरान, मोदी ने उन प्रभावित लोगों का हाथ थामने की ज़हमत नहीं उठाई जिन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को खो दिया, जिनकी फसलें और घर बर्बाद हो गए।