
अगर आप शूगर, मोटाया या अन्य पुरानी बीमारियो से पीड़ित हैं तो आपको अमरीका का वीज़ा लेने में दिक्कत आ सकती है। जी हां, अमरीकी सरकार एक नया वीजा नियम लागू कर रही। नये निर्देश के तहत शूगर, दिल की बीमारी, मोटापा और अन्य क्रॉनिक डिसीज(पुरानी बीमारियां) से पीड़ित विदेश नागरिकों को अमरीका वीज़ा यह ग्रीन कार्ड देने से इंकार कर सकता है।
ऐसे अमरीकी विदेश विभाग द्वारा सभी अमरीकी दूतावासों तथा कंसुलेट्स को निर्देश दिए गए हैं। एक निर्देश में कहा गया है कि वीज़ा अधिकारी वीज़ा मूल्यांकन में न सिर्फ छूत की बीमारियों तथा टीके के रिकार्ड, बल्कि गैरी संचारी बीमारियों पर भी विचार करेंगे।
इन नए निर्देशों की सूची में दिल का रोग, शूगर, मोटापा, तंत्रिका संबंधी समस्याएँ, चयापचय संबंधी विकार और कुछ मानसिक स्वास्थ्य स्थितियाँ शामिल हैं। जारी किए गए दिशा-निर्देशों को तहत वीज़ा अधिकारी ये तीन प्रमुख सवाल पूछेंगे
नए दिशा-निर्देशों के तहत वीज़ा अधिकारी अब Applicant से तीन प्रमुख प्रश्न पूछेंगे:
- क्या आवेदक या उनके परिवार का कोई सदस्य किसी महंगी या पुरानी बीमारी से पीड़ित है?
- क्या उनके पास इलाज का खर्च खुद उठाने के लिए वित्तीय साधन हैं और उन्हें “पब्लिक चार्ज” (सरकारी सहायता) पर निर्भर नहीं रहना पड़ता?
- क्या उनके परिवार के सदस्यों को कोई विकलांगता या पुरानी बीमारी है जो उनके रोजगार या कमाई की क्षमता को प्रभावित कर सकती है?