
दुबई एयर शो में भारतीय वायुसेना के लाइट कॉम्वेट एयरक्राफ्ट(एलसीए) तेजस फाइटर जेट के क्रेश होने का समाचार मिला है। इस हादसे में पायलट की मौत हो गई है। यह हादसा एयर शो के दौरान हुआ।
जांच टीमें इस घटना के कारणों की जांच कर रही हैं। विमान के गिरते ही उसमें आग लग गई और एयरपोर्ट पर काले धुएं के गुबार उठने लगे।
बता दें की इस घटना से पहले भी गत वर्ष भी राजस्थान के जैसलमेर में पोखरण से करीब 100 किलोमीटर दूर युद्धाभ्यास के दौरान तेजस फाइटर जेट क्रेश हो गया था। प्लेन क्रैश होने से पहले पायलट सुरक्षित बाहर निकल गया था।
विशेषता के तौर पर तेजस एक इंडियन सिंगल-इंजन, 4.5 जेनरेशन, डेल्टा विंग, मल्टीरोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट है, जिसे एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी ने डिज़ाइन किया है और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने भारतीय वायुसेन और इंडियन नेवी के लिए बनाया है।
इस एयरक्राफ्ट ने 2001 में अपनी पहली उड़ान भरी और 2015 में भारतीय वायुसेन में सर्विस में आया। यह अपनी जेनरेशन का सबसे छोटा और सबसे हल्का सुपरसोनिक फाइटर जेट है।
इस एयरक्राफ्ट का ऑफिशियल नाम 2003 में तेजस रखा गया था। इस नाम का मतलब संस्कृत में ‘चमक’ है, और इसने देश में बने और बाहर से लाए गए कॉम्बैट एयरक्राफ्ट, दोनों के लिए संस्कृत भाषा के नाम चुनने की इंडियन परंपरा को जारी रखा।
तेजस, HF-24 मारुत के बाद HAL का बनाया दूसरा जेट पावर्ड कॉम्बैट एयरक्राफ्ट है। ट्रेनर के अलावा इसके दो प्रोडक्शन कॉम्बैट वेरिएंट हैं – मार्क 1 और मार्क 1A। 2016 में, मार्क 1 एयरक्राफ्ट में वैल्यू के हिसाब से 59.7% और लाइन रिप्लेसेबल यूनिट्स की संख्या के हिसाब से 75.5% इंडिजिनस कंटेंट था, जिसे 1A वेरिएंट में बढ़ा दिया गया था।