
नई दिल्लीः लैंड फॉर जॉब केस में अदालत ने लालू परिवार पर आरोप तय करने का आदेश दिया है। बता दें मध्यप्रदेश के जबलपुर में स्थित भारतीय रेलवे के पश्चिम मध्य जोन में ग्रुप-डी श्रेणी में भर्तियां लालू यादव के रेल मंत्री रहते 2004 से 2009 के बीच की गईं।
भर्ती होने वाले लोगों ने राजद प्रमुख के परिवार के सदस्यों या सहयोगियों के नाम पर जमीन के टुकड़े तोहफे में दिए या हस्तांतरित किए। इसी मामले में विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा कि यादव परिवार ने अपने करीबियों के साथ मिलकर सरकारी नौकरी को सौदेबाजी के हथियार के रूप में इस्तेमाल करके जमीन हासिल की।
रेल मंत्रालय को अपनी निजी जागीर के रूप में इस्तेमाल किया ताकि वह एक आपराधिक गतिविधि को अंजाम दे सकें।
अदालत ने इस मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजप्रताप, तेजस्वी यादव और बेटी मीसा, हेमा सहित 41 लोगों के खिलाफ आरोप तय कर रेलवे अधिकारियों सहित 52 लोगों को बरी कर दिया। सीबीआई ने यह भी दावा किया कि ये नियुक्तियां नियमों का उल्लंघन करके की गईं । इसमें बेनामी संपत्तियां शामिल थीं।