
सुनाम उधम सिंह वाला(संगरूर)/ चंडीगढ़:जिला संगरूर के शहर सुनाम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भाजपा पंजाब अनुसूचित जाति मोर्चा के उपाध्यक्ष परमजीत सिंह कैंथ ने कहा कि “विकसित भारत—रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी–जी राम जी) अधिनियम, 2025” का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण श्रमिकों के सामाजिक-आर्थिक कल्याण, सुरक्षित रोजगार और टिकाऊ आजीविका को सुनिश्चित करना है। इस अधिनियम में श्रमिकों के हित में कई महत्वपूर्ण प्रतिबद्धताओं को स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है।
उन्होंने आगे कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम के अंतर्गत फंडों के दुरुपयोग और धोखाधड़ी से जुड़े पंजाब में सामने आए विभिन्न कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराने के बजाय आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पार्टी राजनीतिकरण कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अत्यंत संवेदनशील मुद्दों को उलझाने की ऐसी नाकाम कोशिशों की निंदा की जानी चाहिए और राजनीतिक दलों को अपने हितों के लिए ग्रामीण श्रमिकों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं करना चाहिए।
कैंथ ने कहा कि सबसे पहले रोजगार की गारंटी और निरंतरता के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में मांग-आधारित रोजगार, वर्षभर कार्य के अवसर और न्यूनतम निर्धारित कार्यदिवस प्रदान कर आय में स्थिरता सुनिश्चित की जाएगी। भाजपा नेता ने बताया कि न्यायसंगत मजदूरी और समय पर भुगतान के प्रावधानों के अंतर्गत वैधानिक न्यूनतम मजदूरी से कम भुगतान पूर्णतः निषिद्ध है।
डिजिटल माध्यमों से प्रत्यक्ष भुगतान, विलंब होने पर जुर्माना तथा पारदर्शी मस्टर रोल प्रणाली को अनिवार्य किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि अधिनियम में कौशल विकास और उन्नति को विशेष महत्व दिया गया है। स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण, अप्रेंटिसशिप और री-स्किलिंग कार्यक्रमों के माध्यम से श्रमिकों की उत्पादकता और रोज़गार-योग्यता बढ़ाने की स्पष्ट प्रतिबद्धता है।
परमजीत सिंह कैंथ ने ज़ोर देकर कहा कि सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत कार्यस्थल दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य कवरेज, मातृत्व लाभ तथा वृद्धावस्था या दिव्यांगता सहायता जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं, ताकि श्रमिकों को आर्थिक झटकों से सुरक्षित रखा जा सके। अधिनियम में सुरक्षित कार्य परिस्थितियां भी अनिवार्य की गई हैं, जिनमें कार्यस्थल सुरक्षा मानक, पेयजल की उपलब्धता, स्वच्छता सुविधाएं और महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्यस्थल शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि यह अधिनियम लैंगिक और सामाजिक समानता सुनिश्चित करता है, जिसके तहत महिलाओं, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यकों और विशेष आवश्यकता वाले श्रमिकों को समान अवसर, समान मज़दूरी और लक्षित सहायता प्रदान की जाएगी। जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ग्राम स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक बहु-स्तरीय शिकायत निवारण प्रणाली, समयबद्ध सुनवाई, सामाजिक ऑडिट और सार्वजनिक प्रकटीकरण का प्रावधान किया गया है।
कैंथ ने बताया कि यह अधिनियम टिकाऊ रोज़गार और स्थानीय परिसंपत्ति निर्माण पर केंद्रित है, जिसके अंतर्गत जल संरक्षण, मृदा सुधार, हरित ऊर्जा पहलों और स्थानीय बुनियादी ढांचे के विकास के माध्यम से दीर्घकालिक रोज़गार सृजन को प्राथमिकता दी गई है।
उन्होंने कहा कि यह वीबी–जी राम जी अधिनियम केवल तात्कालिक रोज़गार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि कौशल विकास, सामाजिक सुरक्षा और दीर्घकालिक ग्रामीण विकास के माध्यम से मज़बूत और टिकाऊ आजीविका का आधार तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
साथ ही उन्होंने मनरेगा श्रमिकों के अधिकारों के लिए संघर्षरत संगठनों से अपील की कि वे मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पर दबाव बनाएं ताकि पिछले वर्षों की अनियमितताओं और घोटालों की निष्पक्ष जांच हो सके, जिन श्रमिकों से रोज़गार छीना गया है उनके अधिकारों की रक्षा की जाए, आम आदमी पार्टी की मनरेगा-विरोधी नीतियों को उजागर किया जाए और कांग्रेस शासनकाल में हुए कथित बड़े घोटालों को सामने लाया जाए। इस अवसर पर भाजपा के जिला अध्यक्ष दमन बाजवा, वरिष्ठ नेता प्रेम गुगनानी, पूर्व जिला अध्यक्ष अमृतराज चाठा, पूर्व जिला अध्यक्ष ऋषिपाल खेड़ा, शेरविंदर ढिल्लों, संजय गोयल खड़ियालियन, मलविंदर गोल्डी, सुनाम ग्रामीण मंडल अध्यक्ष दर्शन सिंह नामोल, मंडल अध्यक्ष चीमा नरेंद्र सिंह, शंकर बंसल, रजित शर्मा, अंकित कंसल,जगवीर सिंह और चिराग सिंगला भी उपस्थित थे।