
जालंधर/सोमनाथ कैंथ
अमरीका की राह पर चलते हुए पुर्तगाल सरकार हजारों विदेशी नागरिकों जो पुर्तगाल के दस्तावेजों का इंतजार कर रहे थे, को झटका देते हुए उन्हें डिपोर्ट करने की तैयारी कर रही है। पुर्तगाल से प्रकाशित कुछ जर्नल के मुताबिक डिपोर्ट किए जाने वाले विदेशियों की गिनती लाखों में है तथा इनमें बहुसंख्यक भारतीय भी हैं।
डिपोर्ट किए जाने वाले विदेशियों द्वार पुर्तगाल में प्रवास के लिए आवश्यक शर्तें पूरी नहीं होने के कारण यह कदम उठाया जा रहा है। हालांकि इनमें कई विदेशी ऐसे हैं जिन्होंने अपने सभी दस्तावेज दाखिल किए हुए हैं और अब वे कार्ड मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
पुर्तगाल के समाचार पत्रों के मुताबिक करीब चार लाख से अधिक विदेशी दस्तावेजों का इंतजार कर रहे हैं। इनमें बहुत से ऐसे विदेशी हैं जिन्होंने मई दिवस पर लिस्बन में प्रदेशन भी किया था। ये लोग “कोई भी अवैध नहीं है”, “सभी के लिए दस्तावेज”, “मैं यहां रहता हूं, मैं यहीं रहूंगा, मैं यहां से नहीं जाऊंगा” जैसे पोस्टर लिए हुए थे।
बता दें कि पुर्तगाल की नवगठित सरकार ने अमरीका की तर्ज पर प्रवासी विरोधी नीतियां अपनाते हुए प्रवासियों को डिटेन करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इस फैसले के विरोध में विभिन्न देशों से आए प्रवासियों ने पुर्तगाल सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे कानूनी तरीके से पुर्तगाल में रह रहे हैं, टैक्स भर रहे हैं और सरकारी मेडिकल सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं।