
नई दिल्लीः चुनाव आयोग (ECI)ने 334 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (Registered Unrecognised Political Parties (RUPP)को सूची से हटा दिया। इन दलों ने पिछले छह वर्षों, यानी 2019 से अब तक एक भी चुनाव नहीं लड़ा और इनके दफ्तर पंजीकृत पते पर भी नहीं पाए गए। आयोग ने बताया कि अब कुल 2,854 RUPPs में से 2,520 शेष रह गए हैं।
देश में राजनीतिक दल (राष्ट्रीय/राज्यीय/आरयूपीपी) जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1955 की धारा 29ए के प्रावधानों के तहत चुनाव आयोग में पंजीकृत हैं।
वर्तमान में, चुनाव आयोग में 6 राष्ट्रीय दल, 67 राज्य स्तरीय दल और 2854 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल (आरयूपीपी) पंजीकृत हैं।
राजनीतिक दलों के पंजीकरण संबंधी दिशा–निर्देशों में उल्लेख है कि यदि कोई दल 6 वर्षों तक लगातार चुनाव नहीं लड़ता है, तो उसे पंजीकृत दलों की सूची से हटा दिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29ए के अनुसार, दलों को पंजीकरण के समय नाम, पता, पदाधिकारी आदि जैसे विवरण देने होंगे और किसी भी परिवर्तन की सूचना अविलंब आयोग को देनी होगी।
इससे पहले, जून 2025 में, चुनाव आयोग ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को उपरोक्त शर्तों के अनुपालन के संबंध में 345 RUPPs की सत्यापन जाँच करने का निर्देश दिया था।
आयोग ने सभी तथ्यों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों की सिफारिशों पर विचार करने के बाद, 334 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को सूची से हटा दिया है ।
ये पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल अब आयकर अधिनियम, 1961 और चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968 के प्रासंगिक प्रावधानों के साथ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29बी और धारा 29सी के प्रावधानों के तहत कोई लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र नहीं होंगे। इस आदेश से असंतुष्ट कोई भी पक्ष आदेश के 30 दिनों के भीतर आयोग में अपील कर सकता है।