
कुछ दिन पहले मुंबई सीरियल ट्रेन बम ब्लास्ट मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया था। सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसल पर रोक लगाता हुए सभी 12 आरोपियों को बरी कर दिया। मुंबई सीरियल ट्रेन ब्लास्ट मामले में 13 लोग आरोपी थे। एक आरोपी की मौत हो चुकी है।
यह सीरियल ब्लास्ट 19 साल पहले हुए थे।
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक जस्टिस अनिल किलोर और जस्टिस ख्याम चांडक की बेंच ने कहा कि प्रोसिक्यूशन इस केस में दोष साबित करने में नाकाम रहा है तथा लगभग सभी गवाहों के बयानों को भी अविश्वसीय पाया गया।
अब मालेगांव ब्लास्ट केस में एनआईए स्पेशल कोर्ट का फैसला आया है। साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर सहित सभी सातों आरोपी बरी किए गए हैं। इस केस में 7 मुख्य आरोपी थे, जिनमें पूर्व भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, कर्नल प्रसाद पुरोहित, रमेश उपाध्याया, अजय राहिरकर, सुधाकर चतुर्वेदी, समीर कुलकर्णी और सुधाकर धर द्विवेदी शामिल थे।
उल्लेखनीय है कि 29 सितम्बर 2008 को रमजान के महीने में मुस्लिम बहुत इलाके मालेगांव के भीकू चौक में धमाका हुआ था, जिसमें 6 लोग मारे गए और करीब 100 लोग घायल हो गए थे। करीब 17 साल बाद आए फैसले में जज एके लाहोटी ने कहा कि जांच एजेंसी आरोप साबित नहीं कर पाई है। अदालत ने अपने फैसले में माना कि मालेगांव में धमाका हुआ था, मगर यह साबित नहीं हो सका कि बम उस मोटरसाइकिल में रखा गया था, जिसके बारे में दावा किया गया था कि यह साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर का था।