
जालंधर/सोमनाथ कैंथ
बिहार में इसी वर्ष के अंत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इन चुनावों के मद्देनजर चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेसिव रिवीजन के तहत वोटर रजिस्ट्रेशन के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब नए मतदाता और बाहर से बिहार में आने वाले मतदाताओं को अपने जन्म प्रमाण पत्र के साथ माता-पिता के जन्म प्रमाण से संबंधित विशेष घोषणा पत्र भी जमा करना है। यह नियम 24 जून को जारी स्पेशल इंटेसिव रिवीजन निर्देशों के तहत लागू हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि यह बदलाव जल्द पूरे देश में लागू हो सकता है।
अगर ऐसा होता है तो पंजाब से बहुत सारे मतदाताओं के वोट कटने की संभावना है। वहीं दूसरे राज्यों से भी वोट कटेंगे और कुछ वोट पंजाब सहित दूसरे राज्यों में भी बनने की संभावना है। नए एसआईआर नियम में बदलाव से जाली वोट रोकने में काफी मददगार होगे।
क्योंकि नई प्रक्रिया के तहत बहुत से ऐसे मतदाताओं के मिलने की भी बड़ी संभावना है, जिन्होंने अपने राज्यों में तो वोट बनवाए ही हैं साथ में दूसरे राज्यों जिनमें वे मौजूदा समय में रह रहे हैं वहां भी वोट बना रखे हैं।
नए नियम के मुताबिक, बिहार में फार्म 6 (नए मतदाता पंजीकरण) और फार्म 8 (निवास स्थानांतरण या मतदाता सूची में सुधार) के साथ एक अतिरिक्त घोषणा पत्र भरना जरूरी हो गया है।
यह घोषणा पत्र 1987 से 2004 के बीच जन्मे लोगों और 2004 के बाद जन्मे लोगों के लिए अलग-अलग होंगे। इन दोनों वर्गों को अपने जन्म प्रमाण-पत्र के साथ एक या दोनों माता-पिता के जन्म प्रमाण के दस्तावेज जमा करने होंगे। इसके लिए आधार कार्ड या राशन कार्ड मान्य नहीं होंगे, बल्कि चुनाव आयोग की ओर से निर्धारित 11 दस्तावेजों में से कोई एक देना होगा।
