
अमृतसरः पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस को आज बुधवार को श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष तलब किया गया था। श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष तलब किए जाने पर मंत्री हरजोत सिंह बैंस आज सुबह ही श्री दरबार साहिब पहुंचे गए।
इसके बाद वह श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश हुए और यहां श्री नगर में शहीदी समागम के दौरान गुरु मर्यादा के उल्लंघन बारे अपनी गलती स्वीकार की। इस पर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज की और तनखाहिया घोषित किया गया और धार्मिक दंड लगाया गया।
तनखाहिया घोषित किए जाने पर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने अपने बयान में कहा है कि उनके लिए श्री अकाल तख्त साहिब से ऊपर कुछ नहीं है। उन्हें जो आदेश हुआ है वह उनके लिए परमात्मा का आदेश है।
जत्थेदर कुलदीप सिंह गड़गज ने बैंस को सजा सुनाते हुए कहा कि अभी अमृतसर में गोल्डन टेंपल से गुरु के महल तक पैदल जाएंगे। यहां साफ-सफाई करेंगे। इसके बाद वह गुरुद्वारा कोठा साहिब तक 100 मीटर पहले जाएंगे। इस गुरु घर तक जाने वाली सड़क की हालत सुधारने के लिए काम करेंगे। इसके बाद गुरुद्वारा पातशाही बाबा बकाला साहिब पहुंचने से 100 मीटर पहले उतर जाएंगे और सड़कों को सही कराएंगे।
इसके बाद हरजोत सिंह को दिल्ली में गुरुद्वारा शीशगंज साहिब जाएंगे। उसके बाद गुरुद्वारा श्री आनंदपुर साहिब में दोनों जगह पर वह नतमस्तक होकर 2 दिनों तक जोड़ा घरों में सेवा करेंगे। इस पर मंत्री ने कहा कि मुझे सज़ा मंजूर है।