
जालंधर/सोमनाथ कैंथ
पंजाब के कैबिनेट मंत्री मोहेन्दर भगत ने कहा कि आज का दिन पंजाब की शिक्षा व्यवस्था के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है। मान सरकार की लगातार मेहनत, दृढ़ इच्छाशक्ति और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता के चलते सुप्रीम कोर्ट से बड़ी जीत हासिल हुई है। देश की सर्वोच्च अदालत ने पंजाब के 1158 सहायक प्रोफेसरों और लाइब्रेरियन की सेवाओं को जारी रखने की मंज़ूरी दी है। यह फैसला न केवल इन शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आया है बल्कि लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को भी सुरक्षित करेगा।
मंत्री मोहेन्दर भगत ने कहा कि शिक्षा मानव विकास की नींव है और मान सरकार हमेशा शिक्षकों को मज़बूत करने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई उपलब्ध करवाने के लिए समर्पित रही है। इस निर्णय से हज़ारों परिवारों को राहत मिली है और पंजाब के कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे विद्यार्थियों का भविष्य और मजबूत हुआ है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान जी की अगुवाई में पंजाब सरकार हर क्षेत्र में न्याय और सच्चाई की लड़ाई लड़ रही है। शिक्षा के क्षेत्र में उठाए गए ये ऐतिहासिक कदम यह साबित करते हैं कि सरकार केवल वादे नहीं करती, बल्कि धरातल पर ठोस नतीजे देती है।
मंत्री मोहेन्दर भगत ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार ने अदालत में इस लड़ाई में हमेशा शिक्षकों का साथ दिया है क्योंकि शिक्षक ही समाज की वह शक्ति हैं जो आने वाली पीढ़ी को ज्ञान, मूल्य और संस्कारों से संवारते हैं।
उन्होंने अंत में कहा कि यह फैसला मान सरकार की उस सोच को और मज़बूत करता है जिसका एक ही उद्देश्य है – रोज़गार देना, शिक्षा को मज़बूत करना और युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना।