
चंडीगढ़ः जालंधर के सिविल अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित होने के कारण हुई तीन लोगों की मौत का मामला पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की जांच के दायरे में आ गया है।
इस संबंध में हाईकोर्ट में आरटीआई एक्टिविस्ट और सामाजिक कार्यकर्ता सिमरनजीत सिंह याचिका दायर कर उच्च न्यायालय के एक मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में विशेष जांच दल गठित को कहा है।
याचिका में कहा गया है, “स्वास्थ्य मंत्री के स्पष्टीकरण के साथ-साथ दोषी अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए।” याचिका में कहा गया है कि पंजाब राज्य के अस्पतालों में जीवन और आजीविका का अधिकार लगातार खतरे में है और इसे इस तरह जारी रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
आरटीआई और सामाजिक कार्यकर्ता सिमरनजीत सिंह जनहित याचिका में एफआईआर दर्ज करने की भी मांग की है। इस मामले की सुनवाई कल होने की उम्मीद है