
मंडीः हिमाचल प्रदेश के मंडी में मंगलवार तड़के बादल फटने से 3 लोगों की मौत हो गई और 2 अन्य लापता है। एक महिला का शब मलबे में दबी गाड़ियों के बीच फंसा हुआ था, जिसे कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया।
बादल फटने के बाद नदियां नाले उफान पर हैं तथा घर में मलबा घुस आया है और कई गाड़ियां इसकी चपेट में आ गई हैं। मंडी में बादल फटने की अब तक 14 घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
एनडीआरएफ की टीमें पहुंच गई है और अब 15 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू किया गया। कई लोग अभी भी लापता हैं।
चंडीगढ़-मनाली और मंडी-जोगेंद्रनगर फोरलेन बंद हो गया है। भूस्खलन और पानी के तेज बहाव से कई घरों में मलबा घुस गया।
राजस्थान में भारी बारिश से कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। चित्तौड़गढ़, झालावाड़, कोटा, पाली और सिरोही में घरों तक में पानी घुस गया है। टोंक-चित्तौड़गढ़ में बारिश से हुए हादसों में दो लोगों की मौत हो गई।
हिमाचल प्रदेश के मंडी में बादल फटने के बाद कई लोग घरों में फंसे हैं। SDRF और लोकल टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन चल रही हैं। कई लोग अब भी लापता हैं।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक्स पर पोस्ट में कहा
जिला मंडी के जेल रोड में बादल फटने की घटना अत्यंत दुःखद और पीड़ादायक है। इसमें दो लोगों की मृत्यु हो गई है और एक व्यक्ति के लापता होने की सूचना है, जिसकी तलाश के लिए बचाव दल युद्धस्तर पर प्रयासरत हैं। कई वाहन भी मलबे में दब गए हैं। शोक-संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहन संवेदनाएं हैं।
प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। राहत एवं बचाव कार्यों को तेज़ी से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। मैं स्वयं स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा हूं और सभी आवश्यक सहायता तुरंत उपलब्ध कराई जा रही है। राहत कार्यों में जुटे स्थानीय लोगों का भी मैं आभार व्यक्त करता हूँ।
प्रदेश सरकार इस कठिन समय में प्रभावित लोगों के साथ मज़बूती से खड़ी है। मैं आप सभी से आग्रह करता हूँ कि प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और सतर्क रहें।