हिमाचल में ऐसा क्या हाथ लगा कि बिक्रम मजीठिया को लेकर जा रही विजीलेंस टीम


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जालंधर/सोमनाथ कैंथ
विजीलेंस टीम आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार शिरोमणि अकाली दल के नेता व पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिय़ा को अब हिमाचल प्रदेश में कुछ जगहों पर लेकर जा रही है। पिछले दिनों बिक्रम सिंह मजीठिया की गिरफ्तारी के बाद पूर्व डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय, पूर्व पीए तलबीर सिंह गिल और पूर्व ईडी अधिकारी निरंजन सिंह विजीलेंस के समक्ष अपने बयान दर्ज करवा चुके हैं। विजीलेंस का इस के केस में अहम जानकारियां हाथ लगने का दावा है।

(ईडी) के पूर्व उपनिदेशक निरंजन सिंह का दावा
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पूर्व उपनिदेशक निरंजन सिंह ने मजीठिया की ड्रग माफिया को मदद पहुंचाने में सीधी संलिप्तता का दावा किया था। निरंजन सिंह के बयान से ड्रग्स के कारोबार में मजीठिया की अहम भूमिका का पता चलता है, जो अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल ड्रग तस्करों को बचाने और उनका समर्थन करने के लिए करते थे। सिंह के अनुसार, मजीठिया ने व्यक्तिगत रूप से जगजीत सिंह चहल और बिट्टू औलख सहित कई ड्रग माफियाओं के बीच विवादों में मध्यस्थता की, जो कनाडा तक फैले ड्रग नेटवर्क का संचालन करते थे।

खुलासे के अनुसार, ड्रग व्यापारी चहल और औलख के अंतरराष्ट्रीय ग्राहक थे और वे राजनीतिक संरक्षण के तहत काम करते थे। मजीठिया के सतप्रीत सिंह सत्ता के साथ भी घनिष्ठ संबंध थे और उसे सुरक्षा भी प्रदान की। वहीं मजीठिया ने ड्रग तस्करों के बीच जिन विवादों को सुलझाया, उसके बदले में उन्हें बड़ी वित्तीय रिश्वत मिली।

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ड्रग्स तस्करों के साथ मजीठिया के लिंक पर बोले पूर्व डीजीपी सिद्धार्थ चटोपाध्याय
पंजाब के ड्रग संकट के अंधेरे पहलू पर प्रकाश डालने वाले एक खुलासे में, पंजाब के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय बिक्रम मजीठिया के ड्रग तस्करों के साथ गहरे संबंधों के बारे मीडिया के सामने कई सनसनीखेज दावे कर चुके हैं
विशेष जांच दल (एसआईटी) के साथ महत्वपूर्ण जानकारी साझा करने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए चट्टोपाध्याय ने पंजाब की बर्बादी की भयावह तस्वीर पेश की और इसके लिए सीधे तौर पर ड्रग सिंडिकेट को राजनीतिक संरक्षण देने को जिम्मेदार ठहराया।
चट्टोपाध्याय ने कहा कि पंजाब, जो कभी समृद्ध प्रदेश था, अब एक ऐसे नशे के खतरे से जूझ रहा है जिसने दो पीढ़ियों को तबाह कर दिया।
उन्होंने कहा कि उस समय निवेशक पंजाब में कदम रखने से डरते थे जिसके कारण विकास पूरी तरह से ठप्प हो गया था। वहीं प्रदेश के लाखों परिवार इस डर में जी रहे थे कि कहीं उनके बच्चे नशे का शिकार न हो जाएं। पूर्व डीजीपी ने आरोप लगाया कि मजीठिया के न केवल ड्रग कार्टेल के साथ वित्तीय संबंध थे, बल्कि पंजाब पुलिस का दुरुपयोग कर नशे के कारोबार के संचालन को सक्रिय रूप से सक्षम बनाया गया।
इसके लिए भ्रष्ट अधिकारियों को चुना गया और उन्हें पदोन्नत किया गया। ऐसे लोगों को वर्षों कई महत्वपूर्ण पदों पर रखा गया। इंदरजीत सिंह जैसे दागी पुलिस अधिकारी को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया गया, जिसके खिलाफ 15 विभागीय जांच समेत कई अन्य मामले थे, उसे पदोन्नति देकर सीआईए प्रभारी बना दिया गया। इस तरह की कार्रवाइयों ने ड्रग माफिया को बहुत बढ़ावा दिया।

 

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