
- खुद को बैंक ऑफ अमरीका के अधिकारियों के रूप में पेश कर दिया धोखाधड़ी को अंजाम
चंडीगढ़ः प्रवर्तन निदेशालय (ईडी ), चंडीगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय ने 29/7/2025 को मोहाली और ज़ीरकपुर (पंजाब) में 4 स्थानों पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत तलाशी अभियान चलाया।
यह कार्रवाई विक्रमजीत सिंह और अन्य द्वारा बैंक ऑफ अमरीका के अधिकारियों के रूप में खुद को पेश करके एक अमरीकी नागरिक के साथ लगभग 11.54 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मामले में की गई।
तलाशी अभियान के दौरान, विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए और विक्रमजीत सिंह एवं अन्य से जुड़े लगभग 50 लाख रुपए की शेष राशि वाले कई बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया। इसके अलावा, 1.5 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 3 अचल संपत्तियों का भी पता चला है।
ईडी ने फ्लोरिडा, अमरीका की निवासी सुश्री मेरले ली कोरेजवो के अधिकृत प्रतिनिधि निशांत मल्होत्रा की शिकायत पर विक्रमजीत सिंह और अन्य के खिलाफ आईपीसी, 1860 और सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम, 2008 की विभिन्न धाराओं के तहत हरियाणा पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की।
ईडी की जांच से पता चला है कि विक्रमजीत सिंह, अंचल मित्तल और अक्षय मित्तल ने अन्य लोगों के साथ मिलकर जीरकपुर में एक कॉल सेंटर स्थापित किया था, जिसमें उन्होंने बैंक कर्मचारियों के रूप में प्रतिरूपण किया और विदेशी नागरिकों के कंप्यूटर तक अवैध पहुंच प्राप्त की और इस तरह 13,87,100.29 अमरीकी डॉलर (लगभग 11.54 करोड़ रुपए) की धोखाधड़ी/ऑनलाइन डकैती की।
ईडी की जांच में आगे पता चला है कि उपरोक्त अपराध से उत्पन्न अपराध की आय (पीओसी) का उपयोग क्रिप्टोकरेंसी की खरीद के लिए किया गया है, जिसे अवैध धन के स्रोत को छिपाने के लिए 100 से अधिक बैंक खातों के माध्यम से आगे बढ़ाया गया था। स्रोत को छिपाने और इसे बेदाग दिखाने के लिए पीओसी का उपयोग करके कई अचल संपत्तियां भी खरीदी गई हैं।