
लुधियानाः पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लुधियाना को विकास के पथ पर अग्रसर करने के लिए लुधियाना के लिए बड़ी घोषणाएं कीं, जिसके तहत लुधियाना का बुड्ढा नाला तो प्रदूषण मुक्त होगा ही साथ में पंजाब में यूपीएससी कोचिंग सैंटर की घोषणा की।
उल्लेखनीय है कि बुड्ढा नाला में लुधियाना की इंडस्ट्री सहित अन्य जगहों से प्रदूषित पानी मिक्स होने के कारण यह बुड्ढा नाला का पानी सतलुज दरिया के पानी को भी प्रदूषण मुक्त करता था, जिससे धरती के निचला पानी प्रदूषित होता था। इस संबंध में राज्यसभा सदस्य संत सीचेवाल और अन्य सभा सोसायटियां भी आवाज उठाती रही हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 13 करोड़ रुपए के प्रोजैक्ट लोकार्पित करने के बाद जनसभा को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट के निर्माण में शामिल अधिकारियों और ठेकेदारों की जवाबदेही सुनिश्चित होगाी। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पंजाब के विकास में पैसों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी तथा आने वाले दिनों में ऐसे और प्रोजैक्ट लोकार्पति किए जाएंगे। बुड्ढा नाले को पूरी तरह प्रदूषण मुक्त करने की घोषणा करते हुए भगवंत मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने इस कार्य के लिए पहले ही काम शुरू कर दिया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदूषण कम करने और राज्य को साफ, हरा और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए महान सिख गुरुओं के नक्शेकदमों पर चल रही है।
लुधियाना में 1 यूपीएससी कोचिंग सैंटर
नौजवानों को अधिक अधिकार देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सीएम भगवंत सिंह मान ने पंजाब में 8 यूपीएससी कोचिंग सेंटर स्थापित करने की घोषणा की, जिनमें से 1 सेंटर लुधियाना में खोला जाएगा। प्रत्येक सेंटर में 1 लाइब्रेरी, हॉस्टल और अन्य जरूरी सुविधाएं होंगी ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके। ये केंद्र यह सुनिश्चित करेंगे कि पंजाब के युवा राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अच्छी तरह से तैयार हैं।
विरोधी पक्ष की आवाज दबाने का चलन बढ़ा सीएम मान ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार लोगों की, लोगों के लिए और लोगों द्वारा होती है, लेकिन इन दिनों विरोधी पक्ष की आवाज दबाने का चलन बन गया है। एक बाग का उदाहरण देते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि एक गुलदस्ते में कई तरह के फूल होते हैं, जो हमेशा लोगों को आकर्षित करते हैं और लोग इन्हें देखना पसंद करते हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह लोकतंत्र में हर किसी की आवाज महत्वपूर्ण है, जिसके कारण हमारी सरकार हर शहर या गांव को विकास के लिए फंड बांटते समय कोई फर्क नहीं करती।