
फतेहगढ़ साहिब : पंजाब में अपने प्रमुख स्वास्थ्य देखभाल मॉडल को बड़ा बढ़ावा देते हुए सीएम भगवंत सिंह मान की नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) की पंजाब सरकार ने आज 109 नए आम आदमी क्लीनिक लोकार्पित किए। इससे राज्य में ऐसे क्लीनिकों की कुल संख्या चार सालों के अंदर 990 हो गई है और आने वाले दिनों में 400 और क्लीनिक खोले जाएंगे।
अपनी सरकार के स्वास्थ्य मॉडल को सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे के बड़े स्तर पर विस्तार के रूप में पेश करते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ये क्लीनिक 107 दवाइयां और 47 डायग्नोस्टिक टेस्ट पूरी तरह मुफ्त प्रदान कर रहे हैं। इस स्वास्थ्य नेटवर्क के तहत अब तक लगभग 5 करोड़ ओपीडी विजिट दर्ज की जा चुकी है।
‘आप’ सुप्रीमो ने बताया कि सरकार 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी कर रही है, जिनमें से 30 लाख कार्ड पहले ही बन चुके हैं और 1.65 लाख लोगों ने इससे इलाज का लाभ उठाया है।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने दिल्ली के साथ तुलना करते हुए पंजाब के मतदाताओं को भाजपा की जन-विरोधी नीतियों के खिलाफ आगाह करते हुए कहा कि अगर भाजपा की सरकार आई तो वह दिल्ली की तरह मुफ्त बिजली, स्वास्थ्य देखभाल और अन्य जन कल्याणकारी योजनाओं को वापस ले लेगी।
फतेहगढ़ साहिब में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 109 नए आम आदमी क्लीनिकों का उद्घाटन किया जा रहा है, जहां गरीबों को इलाज और मुफ्त दवाइयां मिलेंगी। उन्होंने कहा कि पिछले चार सालों में 881 आम आदमी क्लीनिक पहले ही बनाए जा चुके हैं और आज इस सूची में 109 और क्लीनिक जोड़े जा रहे हैं, जिससे इन क्लीनिकों की कुल संख्या 990 हो गई है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में 400 और आम आदमी क्लीनिक स्थापित किए जाएंगे, जिसके बाद पूरे पंजाब में लगभग 1500 आम आदमी क्लीनिक कार्यशील हो जाएंगे।
इस दौरान, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इस स्टेज से हम शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, खेतीबाड़ी और अन्य क्षेत्रों के बारे में बात कर रहे हैं, जबकि दूसरी पार्टियों की स्टेजों पर सिर्फ सत्ता हथियाने के दावे किए जा रहे हैं। ये मौकापरस्त नेता हैरान हैं क्योंकि लोग उन्हें जवाब नहीं दे रहे हैं। उनका एजेंडा लोगों की भलाई के लिए नहीं है, बल्कि सिर्फ अपने परिवारों की भलाई तक सीमित है। सुखबीर बादल राज्य को लूटने के लिए “स्मैक ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया’ के नेताओं को संरक्षण दे रहे हैं और यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है।”
पिछली सरकारों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “प्रकाश सिंह बादल ने भी सुखबीर को राज्य का मुखिया नहीं बनाया क्योंकि वे जानते थे कि वह पंजाब को तबाह कर देंगे। अकाली पार्टी को कभी शहीदों की पार्टी के रूप में जाना जाता था, लेकिन बादल परिवार ने युवाओं को नशों की दलदल में धकेलकर हमारी पीढ़ियों को बर्बाद कर दिया। उन्होंने अपने निजी हितों के लिए शिरोमणि कमेटी और गुरुद्वारों की गोलक के पैसे का दुरुपयोग किया।”