
चंडीगढ़ः आम आदमी पार्टी (आप) के एस.सी. विंग के पंजाब अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह जीपी के नेतृत्व में आज पंजाब भर में भाजपा सरकार के ख़िलाफ़ ज़ोरदार प्रदर्शन किया गया। ‘आप’ कार्यकर्ताओं ने आरोपी वकील के ख़िलाफ़ जमकर नारेबाज़ी की और रोष स्वरूप भाजपा सरकार का पुतला फूंका। यह रोष प्रदर्शन एक वकील द्वारा कथित तौर पर भारत के चीफ़ जस्टिस बी.आर. गवई की ओर जूता फेंकने की घटना के विरोध में किया गया।
गुरप्रीत सिंह जीपी ने इस घटना को बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए बताया कि जब से भाजपा सरकार केंद्र में राज कर रही है, तब से ही पंजाब के साथ जाति-पात के नाम पर भेदभाव चलता आ रहा है। उन्होंने इसकी सख़्त निंदा करते हुए कहा कि दलित मुख्य जज पर हमला बाबा साहेब डॉ. भीम राव अंबेडकर का अपमान है और देश के लोग इस अपमान को कभी भी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
‘आप’ एस.सी. विंग के अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि मुख्य जज बी.आर. गवई पर हमला सिर्फ़ एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि देश के हर दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक भाईचारे पर हमला है जो संविधान में विश्वास रखते हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर ने हमें वोट की ताक़त दी है और हम उस ताक़त से इस नफ़रत फैलाने वाली भाजपा सरकार से बदला लेंगे। उन्होंने ऐलान किया कि जब तक आरोपी वकील के ख़िलाफ़ पर्चा दर्ज़ करके उसे सख़्त सज़ा नहीं मिलती, तब तक पंजाब में धरने-प्रदर्शन जारी रहेंगे।
इसी दौरान गुरप्रीत सिंह जीपी ने पंजाब के साथ केंद्र के भेदभाव के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि चाहे पंजाब में आई बाढ़ का मामला हो, केंद्र हमेशा पक्षपात करता है। उन्होंने याद करवाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बाढ़ के नुक़सान के लिए 20,000 करोड़ का मुआवज़ा माँगा था, पर केंद्र की ओर से सिर्फ़ 1600 करोड़ का मुआवज़ा दिया गया, जो कि अनुमानित नुक़सान के मुक़ाबले बहुत कम है। उन्होंने मांग की कि पंजाब के साथ ‘जातिवाद (कास्टिज़म) की राजनीति’ और भेदभाव करना बंद किया जाए और कम से कम 20,000 करोड़ का मुआवज़ा तुरंत दिया जाए। उन्होंने कहा कि ‘आप’ का संघर्ष पंजाब स्तर पर जारी रहेगा और दलितों समेत किसी भी क़ौम को दबाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।