
शहीद ऊधम सिंह वाला (सुनाम): पंजाब के मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आज अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि समाज के हर वर्ग के कल्याण को सुनिश्चित करके शहीदों के सपनों को साकार किया जाएगा।
आज यहां शहीद ऊधम सिंह वाला नगर के विकास के लिए 85करोड़ रुपए की लागत वाली परियोजनाओं का शिलान्यास करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए आप के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि शहीद ऊधम सिंह ने अपने देश को गुलामी की दलदल से निकालने के लिए अद्वितीय बलिदान दिया।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि महान शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए आयोजित समारोह में भाग लेना उनके लिए बहुत गर्व की बात है।
आप के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि स्वतंत्रता के 75 साल बाद भी शहीदों के सपने अधूरे हैं क्योंकि सत्ता में बैठे लोगों ने सरकारी खजाने की लूट की। पिछली सरकारों ने नशे और भ्रष्टाचार के प्रतीकों के साथ पंजाब को बर्बाद कर दिया। इन राजनेताओं ने अपने निजी हितों के लिए लोगों के पैसे को बेरहमी से लूटा।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के लिए अपनी जान न्यौछावर करने वाले शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि देना राज्य सरकार का कर्त्तव्य है। उन्होंने कहा कि इन महान शहीदों के नाम पर हवाई अड्डों, विश्वविद्यालयों और अन्य संस्थानों का नाम रखना इन नायकों की शानदार विरासत को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्य मंत्री ने कहा कि शहीद ऊधम सिंह ने जलियांवाला बाग नरसंहार का बदला लेने के लिए लंदन के कैक्सटन हॉल में जाकर सर माइकल ओ’ड्वायर को मार डाला था। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों की कठपुतली बनकर चलने वालों को वे ‘सर’ का खिताब देते थे, और ऐसा ही एक खिताब उस परिवार को भी दिया गया था जिसने अप्रैल 1919 में जलियांवाला बाग नरसंहार की रात जनरल डायर के लिए भोज की मेजबानी की थी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि उसी गद्दार परिवार का वंशज, जिसने पंजाब में नशे को संरक्षण दिया, युवाओं की जिंदगियां बर्बाद करने के अपराध में अब नाभा जेल में बंद है।
मुख्य मंत्री ने कहा कि देश के अब तक के प्रधानमंत्रियों ने लाल किले की प्राचीर से अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषणों में एक जैसे बयान दिए हैं। यह और भी दुखद है कि इन नेताओं ने लोगों को केवल नाटक ही दिए हैं । शहीद ऊधम सिंह जैसे शहीदों के सपने अभी तक साकार नहीं हुए क्योंकि इन लोगों ने इसके लिए कभी कोई ठोस प्रयास नहीं किया।
एक अन्य बड़ी कल्याणकारी पहल का जिक्र करते हुए, उन्होंने मुख्य मंत्री स्वास्थ्य योजना की बात की, जिसमें कहा कि यह देश की अपनी तरह की पहली योजना है जो पंजाब के प्रत्येक परिवार के लिए 10 लाख रुपए तक का नकद रहित चिकित्सा उपचार प्रदान करती है।
मुख्य मंत्री ने कहा कि राज्य के युवाओं को अब तक 55,000 सरकारी नौकरियां दी गई हैं और लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, हरपाल सिंह चीमा, लालजीत सिंह भुल्लर, डॉ. रवजोत, गुरमीत सिंह खुड्डीयां, हरभजन सिंह ई.टी.ओ., बरिंदर कुमार गोयल और हरदीप सिंह मुंडियां, वरिष्ठ ‘आप’ नेता मनीष सिसोदिया, उप स्पीकर पंजाब विधानसभा जय किशन सिंह रोड़ी, विधायक अमनशेर सिंह शैरी कलसी, जगदीप कंबोज गोल्डी,
प्रोफेसर बलजिंदर कौर और अन्य शख्सियतें भी मौजूद थी।