Gang War: पंजाब में खत्म नहीं हो रही वर्चस्व और बदले की खूनी जंग


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जालंधर/सोमनाथ कैंथ
26 जून की रात करीब 9 बजे बटाला में गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया की मां हरजीत कौर और करणवीर सिंह नाम के व्यक्ति की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड की जिम्मेदारी हरियाणा के दो कुख्यात बदमाशों प्रभु दासूवाल और कौशल चौधरी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर ली।
दोनों बंबीहा गैंग से जुड़े हैं। पोस्ट में लिखा था इसे मारकर अपने भाई का बदला लिया है।
जग्गू भगवानपुरिया की मां और सहयोगी की हत्या के बाद क्या माना जाए कि हत्याओं का सिलसिला खत्म हो जाएगा। यह तो आने वाला समय ही बताएगी मगर बदले की आग के पिछले दो दशको की कहानियां बयान करती हैं कि पंजाब में गैंगवार की गतिविधियां खतरनाक होती जा रही है। एक के बाद एक हत्याएं हो रही और अब तो बदले की आग परिवारों तक भी पहुंचने लगी है।
गैंगस्टर हत्या पर भंगड़े डालकर और सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर हत्या की जिम्मेदारियां ले रहे हैं, इससे आने वाले में बदले की आग ठंडी पड़ती नजर नहीं आ रही है और इस आग को और बढ़ने से रोकने की जिम्मेदारी पुलिस के कंधों पर है।
दोस्ती, लड़ाई-झगड़े और गैंगवार की बात करें तो हत्याओं की कहानियां दशकों पुरानी हैं। कभी छोटी-मोटी चोरियां डकैतियां हुआ करती थीं लेकिन अवैध कारोबार में जुड़कर दोस्तियां खून-खराबे में बदलने लगीं।
गैंगवार की घटनाओं की बात करें तो जुलाई 2006 में यह सिलसिला तब शुरू होता है जब गैंगस्टर प्रभजिंदर सिंह उर्फ डिंपी चंडीगढ़ स्थित सुखना लेक क्लब में पार्टी के बाद बाहर गाड़ी में बैठा होता है कि मोटरसाइकिल सवार दो युवक आते हैं डिंपी को गोलियों से छलनी कर देते हैं। हत्याकांड के इस सिलसिले में पुलिस ने 28 जुलाई 2008 को फाजिल्का के जसविंद्र सिंह रॉकी और उसके दोस्त फिरोजपुर के रहना वाले अमनदीप सिंह टोरा को गिरफ्तार किया। हालांकि बाद में 2014 में जसविंद्र सिंह रॉकी सबूतों के अभाव में बरी हो गया था।
उल्लेखनीय है कि कोटकपूरा के चांदभान गांव का रहने वाले डिप्पी के आपराधिक नेटवर्क से संबंध थे। कई प्रदेशों की पुलिस को वह वांछित भी था।
रॉकी जयपाल भुल्लर, शेरा खुबन और विक्की गौंडर का करीबी साथी था। उसने 2012 में फाजिल्का से विधानसभा चुनाव से भाजपा नेता सुरजीत ज्याणी के खिलाफ चुनाव भी लड़ा था मगर यह चुनाव वह हार गया था।
जुर्म की दुनिया में पड़ी दुश्मनियां कहीं खत्म होती नजर नहीं आतीं। वर्ष 2016 में जसविंद्र सिंह रॉकी की हिमाचल के परवाणू में हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड के दौरान रॉकी का दोस्त परमपाल पाला गोली लगने से घायल हो गया था। बताया जाता है कि रॉकी की दोस्ती यूपी के माफिया मुख्तार अंसारी से भी थी। रॉकी का नाम 1997 में इलाहाबाद के व्यापारी नंद किशोर की हत्या में सामने आया था। बताते हैं कि रॉकी बेंगलुरु पुलिस को भी कभी वांछित था।
इसके बाद 1 जुलाई 2012 को शेरा खुबन ने फिरोजपुर के गैंगस्टर अमनदीप सिंह हैप्पी देवड़ा की गोली मारकर हत्या कर दी। देवड़ा अकाली देना सुखदीप सिंह सेखों का काफी करीबी था। सेखों की हत्या अगले वर्ष 2013 में फिरोजपुर-जीरा रोज पर बसे गांव खोसा दल सिंह कर दी जाती है। सुखदीप सिंह सेखों अकाली नेता होने के साथ-साथ ट्रक यूनियन घलखुर्द का प्रधान भी था। सुखदीप सिंह तब एक हत्या के मामले में जेल से जमानत पर आया हुआ था।
2013 में ही एक और गैंगस्टर रंजीत सिंह की हत्या चमकौर सिंह द्वार गोलियां मारकर कर दी जाती है और रंजीत सिंह के साथियों द्वारा 2014 में चमकौर सिंह के भाई और भतीजे की कथित तौर पर हत्या कर दी। और चमकौर सिंह लारैंस गैंग के साथ मिल जाता है।
इसके बाद 21 जनवरी 2015 को फगवाड़ा के पास सुक्खा काहलवां की गोलियां मारकर हत्या कर दी जाती है। तब गैंगस्टर विक्की गौंडर का नाम सामने आया था, उसने यह हत्या अपने दोस्त लवली बाबा की हत्या का बदला लेने के लिए की थी। 21 फरवरी को सरपंच राजविंदर सिंह की लुधियाना के पास हत्या हो गई।
गोलीबारी की अगली घटना तरनतारन में होती है जिसमें दिलबाग सिंह उर्फ लम्मा पट्टी की गोली लगने से मौत होती है। दिलबाग सिंह के संबंध जग्गू भगवानपुरिया से थे।

2017 में कोटकपूरा के गैंगस्टर लवी देवड़ा की हत्या भोला शूटर और बिश्नोई गिरोह द्वारा कर दी गई। 2018 में गैंगस्टर जॉर्डन चौधरी और 2019 में बिश्नोई गिरोह के मनप्रीत सिंह मन्ना की हत्या कर दी गई। अक्तूबर 2020 में गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के चचेरे भाई गुरलाल बराड़ को चंडीगढ़ में गोलियां से उड़ा दिया गया। इसके दो सप्ताह बाद एनएसयूआई के नेता रंजीत सिंह राणा की हत्या कर बिश्नोई गिरोह ने हत्या की जिम्मेदारी ली। 2021 में कांग्रेसी नेता गुरलाल सिंह पहलवान की गोली मारकर हत्या और जुलाई में गैंगस्टर कुलबीर नरुणाना और चमकौर सिंह की गोलियों से छलनी कर हत्या।

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2021 में युवा अकाली नेता विक्की मिट्ठूखेड़ा की हत्या। साल 2022 चढ़ते ही मनप्रीत चल्ला और मनप्रीत विक्की की बठिंडा में गोलियां मारकर हत्या। 14 मार्च 2022 को जालंधर के मल्लियां खुर्द में अंतर्राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी संदीप सिंह नंगल अंबिया की हत्या कर दी गई।
इसके बाद 29 मई 2022 को गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या। जिम्मेदारी बंबीहा गिरोह ने ली थी।
वर्चस्व और बदले की लड़ाइयों में आगे कोई गैंगवार न हो इसके लिए पुलिस प्रशासन को कड़े कदम उठाने होंगे।

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