गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी की बड़ी वैज्ञानिक उपलब्धि, वैज्ञानिक डॉ. हरप्रीत सिंह ने की क्वांटम विज्ञान से जुड़ी खास खोज


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अमृतसर : क्या बहुत कम दबाव और तापमान के बदलाव को भी बहुत सटीक तरीके से मापा जा सकता है? गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक डॉ. हरप्रीत सिंह ने कुलपति प्रो. (डॉ.) करमजीत सिंह की अगुवाई में बने अच्छे शोध माहौल में काम करते हुए इस सवाल का वैज्ञानिक जवाब दिया है। उनकी टीम ने एक ऐसा क्वांटम सेंसर बनाया है जो हीरे आधारित सेंसरों से करीब 1200 गुना ज्यादा संवेदनशील है। यह महत्वपूर्ण खोज क्वांटम सेंसिंग के क्षेत्र में बड़ी सफलता मानी जा रही है।
इसमें दबाव, तापमान और अन्य भौतिक चीजों को क्वांटम गुणों की मदद से बहुत सटीक तरीके से मापा जाता है। डॉ. हरप्रीत सिंह ने अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर यह खोज की है।

इस नए सेंसर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें हीरे की जगह नरम ऑर्गेनिक क्रिस्टल — पेंटासीन से डोप किया हुआ पी-टरफिनाइल — का इस्तेमाल किया गया है। ये क्रिस्टल नरम होने की वजह से बहुत छोटे दबाव या तापमान के बदलाव से भी इनके क्वांटम गुणों में बड़ा बदलाव आ जाता है, जो इस सेंसर को बेहद संवेदनशील बनाता है।

इस सफलता पर कुलपति प्रो. (डॉ.) करमजीत सिंह ने डॉ. हरप्रीत सिंह और उनकी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह खोज गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के लिए वैज्ञानिक इतिहास का एक खास पल है। उन्होंने कहा कि यह काम न सिर्फ विश्वविद्यालय को दुनिया स्तर पर पहचान देता है, बल्कि भारत को अगली पीढ़ी की क्वांटम तकनीक में आगे बढ़ाने वाले देशों में शामिल करता है। डॉ. हरप्रीत सिंह ने कहा कि यह सेंसर बहुत कम दबाव और तापमान के बदलाव को बहुत सटीक तरीके से माप सकता है और यह हीरे आधारित सेंसरों से काफी सस्ता भी है। उनके अनुसार, इसका इस्तेमाल मेडिकल उपकरणों, सामग्री जांच, अंतरिक्ष अनुसंधान और भविष्य की क्वांटम तकनीकों में हो सकता है।

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यह खोज दुनिया के प्रमुख वैज्ञानिक जर्नल नेचर कम्युनिकेशंस (वॉल्यूम 16, आर्टिकल नंबर 10530, 2025) में प्रकाशित हुई है। इससे साफ होता है कि साधारण लैब स्थितियों में भी ऑर्गेनिक क्रिस्टल हीरे से ज्यादा प्रभावी क्वांटम सेंसिंग कर सकते हैं।

इस मौके पर डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. पलविंदर सिंह, रजिस्ट्रार प्रो. के. एस. चहल और भौतिक विज्ञान विभाग के प्रमुख प्रो. अमन महाजन ने भी डॉ. हरप्रीत सिंह और उनकी टीम को बधाई दी है। डॉ. हरप्रीत सिंह ने धन्यवाद देते हुए कहा कि कुलपति प्रो. (डॉ.) करमजीत सिंह की अगुवाई में मिला अच्छा शैक्षणिक और शोध माहौल ही इस तरह की अंतरराष्ट्रीय स्तर की खोज को संभव बनाता है। इस खोज से गुरु नानक देव विश्वविद्यालय का नाम दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटीज में गिना जाएगा।

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