
जालंधर : पंजाब के स्थानीय सरकारें मंत्री डा. रवजोत सिंह ने आज युवाओं को श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का न्यौता दिया, जो कि समूची मानवता के लिए आज भी राह दिखाने वाली है।
यहां डी.ए.वी. यूनिवर्सिटी में श्री गुरु तेग बहादुर जी की शहादत के 350वें वर्ष को समर्पित करवाए गए सैमिनार के दौरान संबोधन करते हुए कैबिनेट मंत्री डा. रवजोत सिंह ने विद्यार्थियों को गुरु साहिब जी के जीवन, दर्शन और अनुपम शहादत से प्रेरणा लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी ने मानवता की भलाई और मानवीय अधिकारों की रक्षा के लिए बलिदान दिया, जिसकी मिसाल पूरी दुनिया में कहीं नहीं मिलती।
उन्होंने इस मौके पर गुरु साहिब, भाई मती दास जी, भाई सती दास जी और भाई दयाला जी द्वारा दी गई शहादत पर प्रकाश डाला।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि 9वें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जी के शांति, सहनशीलता और विश्वव्यापी भाईचारे को मजबूत करने के दर्शन को समूची मानवता तक पहुंचाने के लिए पंजाब सरकार द्वारा गुरु साहिब के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित बड़े स्तर पर समागम करवाए जा रहे है।
उन्होंने कहा कि राज्य के सभी जिलों में श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन और अनुपम शहादत पर आधारित लाइट एंड साउंड शो करवाए जा रहे है, जिनमें संगत विशेष कर युवाओं द्वारा बड़े स्तर पर शिरकत की जा रही है।
डा. रवजोत सिंह ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से चार नगर कीर्तन भी सजाए जा रहे हैं। एक नगर कीर्तन 19 नवंबर को गुरुद्वारा 6वीं पातशाही श्रीनगर (जम्मू और कश्मीर) से सजाया जाएगा और बाकी तीन नगर कीर्तन फरीदकोट, बठिंडा और गुरदासपुर से सजाए जाएंगे। इनमें से एक नगर कीर्तन गुरदासपुर से 20 नवंबर को शुरू होकर 21 नवंबर को जालंधर में प्रवेश करेगा और 22 नवंबर को श्री आनंदपुर साहिब के लिए रवाना होगा। उन्होंने कहा कि 21 नवंबर को जालंधर में ही नगर कीर्तन का ठहराव होगा।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा एक अनोखी पहल करते हुए हर जिले में पहुंचने पर नगर कीर्तन को शानदार ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ भी दिया जाएगा। उन्होंने समागमों में अधिक से अधिक श्रद्धा भावना से शिरकत करने की अपील भी की।