‘राइजिंग पंजाब-सुझावों से समाधान तक’ के तहत जालंधर में चार जिलों के उद्योगपतियों से संवाद


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  • राज्य सरकार की उद्योग-हितैषी नीतियों के चलते उद्योगपतियों को 5 महीनों में 222 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दिया गया: संजीव अरोड़ा
  • कहा, पंजाब में अब तक 1 लाख 14 हज़ार करोड़ रुपये का निवेश हुआ, 4.45 लाख लोगों को मिला रोज़गार

जालंधर/सोमनाथ कैंथ
राज्य के उद्योग एवं बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा ‘राइजिंग पंजाब-सुझावों से समाधान तक’ के तहत शुरू किए गए कार्यक्रम राज्य में उद्योग को बढ़ावा देने में कारगर साबित होंगे। वे आज ‘राइजिंग पंजाब-सुझावों से समाधान तक’ के तहत आयोजित कार्यक्रम में जालंधर समेत चार ज़िलों के उद्योगपतियों से सीधे संवाद करने पहुँचे थे। बाद में उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों से बातचीत की।
इस अवसर पर उद्योग निदेशक सुरभि मलिक, उपायुक्त डॉ. हिमांशु अग्रवाल, पुलिस आयुक्त धनप्रीत कौर और अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (इन्वेस्ट पंजाब) राहुल चाबा भी मौजूद थे।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए  अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार पंजाब में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए ‘राइजिंग पंजाब-सुझावों से समाधान तक’ के तहत कार्यक्रम आयोजित कर रही है और आज जालंधर में दूसरा कार्यक्रम आयोजित किया गया है, जिसके माध्यम से उद्योगपतियों से सीधा संवाद किया जाएगा और जहां उनके सुझाव प्राप्त हुए हैं, उन सुझावों को समयबद्ध तरीके से समाधान तक पहुंचाया जाएगा।

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उद्योगपतियों को 90 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई गत वर्ष
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने पिछले साल उद्योगपतियों को 90 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी थी और अब 5 महीनों में 222 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार पंजाब में उद्योग स्थापित करने के लिए एक नया पोर्टल शुरू कर रही है, जिसमें सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से 45 दिनों में सभी स्वीकृतियां सुनिश्चित की जा रही हैं और तीसरे-चौथे दिन से मंजूरी मिलनी शुरू हो जाती है। उन्होंने कहा कि उद्योगपतियों को मंजूरी पाने के लिए 45 दिनों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

OTS स्कीम के तहत 40 साल पुराने मसले हल
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार राज्य में उद्योगों को अनुकूल माहौल प्रदान कर रही है, जिसके चलते उद्योगपतियों ने अब तक 1 लाख 14 हज़ार करोड़ रुपए का निवेश किया है। उन्होंने कहा कि इससे 4.5 लाख लोगों को रोज़गार भी मिला है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वन टाइम सेटलमेंट स्कीम से लगभग 40 साल पुराने मसलों का समाधान किया है, जिसका उद्योग जगत ने गर्मजोशी से स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि रद्द प्लॉटों के लिए अपील अथॉरिटी स्थापित की गई है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि निपटान समयबद्ध तरीके से हो। इसके अलावा, औद्योगिक प्लॉटों की क्लबिंग और डी-क्लबिंग लागू की गई है, जिससे अब उद्योगपति अपने प्लॉटों का सही इस्तेमाल कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि उद्योगपति अब लीजहोल्ड प्लॉट या शेड को फ्रीहोल्ड में बदल सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योगपतियों को लीज पर आवंटित प्लॉटों का मालिकाना हक भी दे रही है, ताकि वे उनके साथ आसानी से वित्तीय लेन-देन कर सकें। उद्योग मंत्री ने बताया कि उद्योगपतियों की सुविधा के लिए अलग-अलग क्षेत्रों की 24 कमेटियां बनाई गई हैं, जिनमें राजनीति से कोई भी सदस्य नहीं लिया गया है और कमेटी की नियमित बैठकें सुनिश्चित करने के लिए एडीसी को इस कमेटी में शामिल किया गया है।
मोहाली में तीन दिवसीय पंजाब निवेश सम्मेलन
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि 13 मार्च, 2026 से मोहाली में तीन दिवसीय पंजाब निवेश सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है, जिसमें उद्योगपतियों, व्यापारियों, एनआरआई और विदेशी कंपनियों को भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाएगा, ताकि पंजाब में अधिक से अधिक निवेश हो सके। उन्होंने कहा कि उद्योगपतियों द्वारा दिए जाने वाले टैक्स को केवल उनके फोकल प्वाइंटों, औद्योगिक पार्कों पर ही लगाने के लिए एक विशेष अथॉरिटी भी बनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने फोकल प्वाइंटों के उन्नयन के लिए 100 करोड़ रुपये के टेंडर जारी किए हैं, जिससे सीवरेज, सड़कें, लाइटें और अन्य बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित होंगी। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योगपतियों को सुरक्षा प्रदान करने के अलावा स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए भी विशेष पहल की जा रही है।

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