जालंधर के वेस्ट हलके में गरमाने लगी चुनावी सियासत, सुरेन्द्र चौधरी पर दांव खेल सकती कांग्रेस


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जालंधर/सोमनाथ कैंथ
जैसे-जैसे मौसम में ठंड बढ़ती जा रही है, वैसे-वैसा जालंधर के वेस्ट हलके में चुनावी सियासत गरमाती जा रही है। हालांकि पंजाब विधानसभा 2027 के चुनावों में अभी एक वर्ष से भी ज्यादा का समय है लेकिन राजनीतिक पार्टियों में तैयारियां अभी से शुरू हो चुकी हैं। हरेक राजनीतिक पार्टी द्वारा विधानसभा हलकों में संभावित उम्मीदवारों की पीठ थपथपायी जा रही है। संभावित उम्मीदवार भी जोर-शोर से तैयारियों में जुटे हुए हैं। बूथ स्तर पर और अपने चहेते के साथ मीटिंगें की जा रही हैं।

यहां तक जालंधर के वेस्ट विधानसभा हलके में कांग्रेस की स्थिति की बात है तो पिछले कुछ महीनों के दौरान जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के वेस्ट हलके के दौरे के बाद से सियासत गर्मा गई है।

बीते में वेस्ट हलके में पारस एस्टेट में एक बच्ची की हत्या के मामले में सांसद चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा पीड़ित परिवार के हक में आवाज उठाने और पुलिस प्रशासन को कार्रवाई नहीं करने की सूरत में जालंधर में कांग्रेस द्वारा विरोध प्रदर्शन और बंद की काल की बात कहे जाने के बाद पुलिस हरकत में आई थी।

वेस्ट हलके की राजनीति की बात करें तो चुनाव चाहे लोकसभा का हो या विधानसभा के वेस्ट हलके में सबसे अधिक सक्रिय भूमिका सुरेन्द्र चौधरी की रहती है। वेस्ट हलके में कांग्रेस का कोई भी मंच हो सुरेन्द्र चौधरी अग्रिम श्रेणी के नेता के तौर पर जाने जाते हैं। हो भी क्यों न। सुरेन्द्र चौधरी स्वयं करीब आधी सदी से और उनके स्वर्गीय पिता आजीवन कांग्रेस से जुड़े रहे। परिस्थितियां कोई भी हों, भले ही प्रलोभन या किसी लालच की बात हो लेकिन सुरेन्द्र चौधरी और उनका परिवार कांग्रेस के साथ चट्टान की तरह खड़े रहते हैं। कभी भी उनके पांव डगमगाए नहीं।

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यहां तक कांग्रेस में संभावित उम्मीदवार की बात है तो सुरेन्द्र चौधरी वेस्ट हलके में एक सशक्त नेता माने जाते हैं। वेस्ट हलके में कितने मोहल्ले और किस समाज की वोटों में कितनी हिस्सेदारी है टिप्स पर याद रखते हैं। कांग्रेस के आला नेताओं के हमेशा संपर्क में रहते हैं।

यहां तक वेस्ट हलके से कांग्रेसी नेत्री सुरिंदर कौर की बात है जोकि पहले पार्षद रह चुकी हैं वह गत वर्ष वेस्ट हलके में हुए विधानसभा का चुनाव हार गई थीं।

वहीं हलके के लोगों की बात करें तो हलके के लोग कांग्रेस में नया चेहरा चाहते हैं। क्योंकि हलके के लोग सभी को पहले परख चुके हैं।

फिलहाल अभी विधानसभा चुनावों को करीब सवा साल है और कांग्रेस किसको उम्मीदवार बनाती है यह तो आने वाला समय ही बताएगा मगर राजनीतिक हलकों में सियासी बाजी के लिए जोर-शोर से तैयारियां शुरू हो चुकी है।

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