
इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट जालंधर के चेयरमैन रमणीक सिंह रंधावा ने कहा कि पंजाब की राजनीति में भ्रष्टाचार से जुड़े जो गंभीर खुलासे हो रहे हैं, वे यह बड़ा सवाल खड़ा करते हैं कि क्या कांग्रेस सरकार के दौर में पंजाब से भ्रष्टाचार के माध्यम से जुटाया गया पैसा केंद्रीय नेतृत्व तक भेजा जाता था?
उन्होंने कहा कि CM चेहरा तय करने के लिए ₹500 करोड़ की रिश्वत की बात ने कांग्रेस के पूरे नेतृत्व को कटघरे में खड़ा कर दिया है। यह खुलासा पूर्व सरकार की नीयत और कार्यप्रणाली पर बेहद गंभीर सवाल खड़े करता है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि न तो चन्नी, और न ही पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, दोनों में से कोई भी इस गंभीर मुद्दे पर बोलने को तैयार नहीं है। उनकी चुप्पी अपने-आप में बहुत कुछ बयां करती है।
रमणीक सिंह रंधावा ने कहा: “पंजाब के लोगों को यह जानने का पूरा अधिकार है कि उनकी मेहनत की कमाई को कैसे लूटा गया और इस बड़े भ्रष्टाचार के पीछे कौन ज़िम्मेदार था।
अगर CM चेहरा बनाने के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये की मांग की गई, तो यह पैसा आखिर आता कहां से था और जाता कहां था — इन सभी सवालों का जवाब मिलना बेहद ज़रूरी है।” उन्होंने मांग की कि इन मामलों की पूरी, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करवाई जाए, ताकि पंजाब की जनता के सामने सच्चाई आ सके और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो सके।