
जालंधर : अग्रवाल वेलफेयर बोर्ड पंजाब के चेयरमैन एवं वार्ड 80 के पार्षद अश्वनी अग्रवाल ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा मेडिकल शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों के लिए 68.98 करोड़ जारी करने के आदेश को सरहनीय बताया है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य ढांचे को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक फैसला लिया है ताकि प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में उच्चस्तरीय इलाज और अत्याधुनिक मेडिकल जांच सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें। अग्रवाल ने कहा कि इस राशि से मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण तथा मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ इलाज प्रदान किया जाएगा। मान सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रदेश के हर नागरिक को समय पर, किफायती और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मिलें।
उन्होंने आगे कहा कि मान सरकार स्वास्थ्य को बोझ नहीं, जिम्मेदारी मानकर काम कर रही है और यही सोच पंजाब को एक नई स्वास्थ्य क्रांति की ओर ले जा रही है। इस सन्दर्भ में मेडिकल कॉलेजों के लिए जारी की गई यह राशि पंजाब में एक नई स्वास्थ्य क्रांति की मजबूत नींव साबित होगी, जिसका सीधा लाभ आम जनता को आने वाले समय में मिलेगा। यह फैसला निश्चित रूप से पंजाब की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला सिद्ध होगा।
अग्रवाल ने मान सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि यह सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि फैसलों को ज़मीन पर उतारने वाली सरकार है। जनता से किए गए वादों को पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी से निभाया जा रहा है।
अग्रवाल ने कहा कि मान सरकार ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पंजाब में अब फैसले घोषणाओं के लिए नहीं, जनता के हित के लिए लिए जा रहे हैं।