
चंडीगढ़ः मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने अपने शासनकाल के अंत में कुछ रियायतें देकर लोगों को मूर्ख बनाया, लेकिन उनकी सरकार ने पहले दिन से ही लोगों की समस्याओं को कम करने पर ध्यान दिया है।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के नेता अपने शासनकाल में लोगों को लूटते रहे और उन्होंने कभी भी लोगों की भलाई की परवाह नहीं की। भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार पहले दिन से ही लोगों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है।
विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग पंजाब के वारिस होने का दावा करते थे, वे पंजाबी भाषा में एक भी शब्द नहीं लिख सकते क्योंकि कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़े ये नेता राज्य और इसके लोगों से पूरी तरह कटे हुए हैं।
भगवंत सिंह मान ने कहा कि सनावर और दून स्कूलों से पढ़े इन नेताओं का पंजाबी में हाथ तंग है, जिस कारण वे लोगों से जुड़ने में असहज हैं। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने शिक्षा क्षेत्र को नजरअंदाज किया, जिसके कारण लोगों ने इन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया और नए लोगों के राजनीति में आने का मार्ग प्रशस्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पानी और बुनियादी ढांचा उनकी सरकार के पांच प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्र हैं और इनके विकास के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुसार उनकी सरकार सभी वर्गों की भलाई की बात करती है, जबकि पिछली सरकारों की प्राथमिकताएं कुछ और थी।
भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोगों की भलाई के बजाय पिछली सरकारों के नेता अपने परिवारों की भलाई और राज्य के खजाने को लूटने के लिए अधिक चिंतित थे।
विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन लोगों ने आम आदमी को नजरअंदाज करके केवल अपने परिवारों के लिए पंजाबियों का पैसा बेरहमी से लूटा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पहली बार राज्य और लोगों की भलाई के लिए नीतियां बनाई जा रही हैं और यह अपने आप में एक इतिहास है।
उन्होंने कहा कि पारंपरिक राजनीतिक पार्टियां उनसे इस बात पर जलन करती हैं क्योंकि वे यह बात हजम नहीं कर पा रही हैं कि एक आम आदमी का बेटा राज्य को प्रभावी ढंग से कैसे चला रहा है।