NCERT की पुस्तक में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ शीर्षक में शामिल सामग्री पर Supreme Court ने जताई अपत्ति


Aryan Academy AD

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने एनसीआरटी की कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की नई पुस्तक में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ शीर्षक में शामिल सामग्री पर आपत्ति जताई है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि वह किसी को भी संस्था की छवि धूमिल नहीं करने देंगे।

वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल  ने अदालत से इस मुद्दे पर संज्ञान लेने का अनुरोध करते कहा कि कक्षा 8 के छात्रों को न्यायपालिका को भ्रष्ट बताने वाली सामग्री पढ़ाया जाना गंभीर चिंता का विषय है। इस पर सीजेआई ने कहा कि अदालत पहले ही इस मामले में संज्ञान ले चुकी है ।

Advertisement Space

कानून अपना काम करेगा। वरिष्ठ अधिवक्ता एएम सिंघवी ने भी कहा कि न्यायपालिका को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। बता दें 23 फरवरी को जारी एनसीआरटी की कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान (भाग-2) की पुस्तक में ‘हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका’ अध्याय के तहत ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ पर एक खंड जोड़ा गया है। पुस्तक में बताया गया है कि न्यायाधीश आचार संहिता से बंधे होते हैं । अदालत के भीतर तथा बाहर उनके आचरण को नियंत्रित करने के प्रावधान हैं। इसमें शिकायतों के निवारण के लिए केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली  का भी उल्लेख है।

 

Advertisement Space

Leave a Comment