कोई परमानेंट दोस्त या दुश्मन नहीं : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह


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नई दिल्ली: ट्रंप की टैरिफ धमकियों के बीच रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने एक टीवी चैनल के रक्षा शिखर सम्मेलन 2025 में कहा कि कोई परमानेंट दोस्त या दुश्मन नहीं है। उन्होंने कहा कि विश्व की बदलती परिस्थितियों में भारत को अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखना होगा।

रक्षा मंत्री ने आत्मनिर्भरता पर जोर देते कहा कि आज आत्मनिर्भरता सिर्फ लाभ नहीं, बल्कि एक आवश्यकता बन गई है। पहले इसे विशेषाधिकार माना जाता था, अब यह हमारे अस्तित्व और प्रगति के लिए अनिवार्य है।

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उन्होंने कहा कि भारत किसी को दुश्मन नहीं मानता, लेकिन किसानों और उद्यमियों के हित सबसे महत्वपूर्ण हैं।  बदलती भू राजनीति ने स्पष्ट कर दिया है कि रक्षा क्षेत्र में बाहरी निर्भरता अब विकल्प नहीं है। 2014 में भारत का रक्षा निर्यात 700 करोड़ रुपए से भी कम था, जबकि आज यह लगभग 24,000 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।

इसका मतलब है कि भारत अब सिर्फ खरीदार नहीं, बल्कि रक्षा उत्पादक और निर्यातक भी बन रहा है। राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर का हवाला देते हुए कहा कि यह केवल कुछ दिनों की लड़ाई नहीं थी, बल्कि इसके पीछे वर्षों की रणनीतिक तैयारी और रक्षा तैयारियों का लंबा इतिहास था।

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