
जालंधरः पंजाब में जंगली जीवों की सुरक्षा और इससे जुड़े अपराधों को रोकने के लिए मुख्य जंगली जीव वार्डन पंजाब बसंता राज कुमार आईएफएस, सतिंदर कुमार सागर आईएफएस (मुख्य वन संरक्षक जंगली जीव) और विशाल चौहान आईएफएस (वन संरक्षक पार्क एवं प्रोटेक्टेड सर्कल) द्वारा जारी निर्देशों के तहत, जंगली जीवों से संबंधित अपराधों के लिए जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए वन मंडल अधिकारी जंगली जीव मंडल फिल्लौर विक्रम सिंह कुंदरा आईएफएस द्वारा जंगली जीवों के अंगों की तस्करी की गुप्त सूचना के आधार पर एक टीम गठित की गई।
यह टीम जसवंत सिंह वन रेंज अधिकारी जालंधर के नेतृत्व में बनाई गई, जिसमें जालंधर रेंज से निर्मलजीत सिंह ब्लॉक अधिकारी, मलकीत सिंह वन गार्ड, नवतेज सिंह बाठ और कपूरथला रेंज से रणजीत सिंह ब्लॉक अधिकारी, बोबिंदर सिंह तथा रणबीर सिंह उप्पल शामिल थे।
टीम ने नकोदर में एक जाल बिछाया, जिसमें टीम के एक सदस्य ने ग्राहक बनकर तस्कर से सौदा किया। मौके पर बोनी अरोड़ा पुत्र भारत भूषण, निवासी नकोदर डिलीवरी देने पहुंचा, जिसे टीम ने तुरंत गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से जंगली जीव सांबर के दो कटे हुए सींग के टुकड़े, हाथजोड़ी के 6 टुकड़े और जंगली बिल्ली की खाल बरामद की गई।
पूछताछ में बोनी अरोड़ा ने बताया कि यह सामान उसे शिवम गुप्ता पुत्र गुलशन राय, निवासी नकोदर (जो दुर्गा दास पंसारी नाम की दुकान चलाता है) ने भेजा था। टीम ने तुरंत शिवम गुप्ता की दुकान पर छापा मारकर उसे गिरफ्तार किया। शिवम ने कबूल किया कि वह जंगली जीवों के अंगों का कारोबार करता है और यह सामान उसने बोनी अरोड़ा को डिलीवरी के लिए दिया था।
उसने आगे बताया कि यह सामान वह दीपक उर्फ काला पुत्र विजय कुमार गुप्ता, निवासी नकोदर जिला जालंधर से खरीदता है, जो नकोदर में ही वलैती राम पंसारी एवं किराने की दुकान चलाता है।
टीम ने दीपक उर्फ काला की दुकान पर छापा मारकर उसके पास से सांबर के 2 कटे हुए टुकड़े और एक हाथजोड़ी बरामद की। दीपक ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने ही शिवम गुप्ता को यह सामान सप्लाई किया था।
टीम ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर बरामद सामान सहित पुलिस थाना नकोदर में पेश किया और उनके खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 (संशोधन 2003) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करवाया गया।
इस मौके पर जसवंत सिंह रेंज अधिकारी ने कहा कि जंगली जीवों का कारोबार दंडनीय अपराध है और ऐसे कारोबार करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस केस से जुड़े अन्य आरोपियों की जांच भी जारी है।