सरपंचों का मानदेय ₹10 हजार, पंजाब सरकार का ऐतिहासिक फैसला: अश्वनी अग्रवाल


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जालंधर : अग्रवाल वेलफेयर बोर्ड पंजाब के चेयरमैन एवं वार्ड नंबर 80 के पार्षद अश्वनी अग्रवाल ने पंजाब सरकार द्वारा 15 अगस्त से राज्य के लगभग 13 हजार गांवों के सरपंचों को प्रतिमाह ₹10,000 मानदेय देने के फैसले का स्वागत करते हुए इसे गांवों के विकास, पंचायतों के सशक्तिकरण और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम बताया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार लगातार जनहित से जुड़े फैसले लेकर समाज के प्रत्येक वर्ग का सम्मान बढ़ा रही है। सरपंच ग्रामीण विकास की आधारशिला हैं और उन्हें सम्मानजनक मानदेय देकर सरकार ने उनके योगदान को उचित पहचान दी है। इससे सरपंचों का मनोबल बढ़ेगा तथा वे गांवों के विकास कार्यों को और अधिक उत्साह, जिम्मेदारी और समर्पण के साथ आगे बढ़ाएंगे।
अश्वनी अग्रवाल ने पंजाब के सभी सरपंचों को इस ऐतिहासिक निर्णय पर बधाई देते हुए कहा कि यह फैसला साबित करता है कि आम आदमी पार्टी की सरकार जमीनी स्तर पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि देश में पहली बार किसी राज्य सरकार ने सरपंचों के सम्मान और उनकी जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए इतना बड़ा कदम उठाया है।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में पंजाब सरकार ने पंचायतों को मजबूत बनाने, गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करने, विकास कार्यों को गति देने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पारदर्शी प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए कई जनकल्याणकारी निर्णय लिए हैं। सरपंचों के मानदेय में बढ़ोतरी भी उसी जनहितकारी सोच का परिणाम है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि पंजाब सरकार गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी पंचायतों को अधिक अधिकार, संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि ग्रामीण पंजाब के समग्र विकास का लक्ष्य और तेजी से हासिल किया जा सके। उन्होंने इस जनहितैषी निर्णय के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान तथा पंजाब सरकार का आभार व्यक्त किया।

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